एसईसीएल गेवरा, दीपका, कुसमुंडा के कोयला खदानों में मूसलाधार बारिश से उत्पादन ठप
*राष्ट्र संवाद कमाल अहमद*
*कोयला खदानों के डीप फेस पर जहां से कोयला उत्खनन होता है वहां पानी भरा है।*
छत्तीसगढ़/कोरबा:-जिले में संचालित एसईसीएल की लगभग सभी ओपन कास्ट माइंस में डीप फेस पर जहां से कोयला उत्खनन होता है, वहां पानी भर जाने के कारण कोयला उत्पादन करने में काफी मुश्किल हो रहा है।साथ ही साथ अनेकों प्रकार की सावधानियां बरतनी पड़ रही है। इससे लक्ष्य के अनुसार कोयला उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
वैसे भी कोयला उत्पादन में लक्ष्य से पीछे चल रहे एसईसीएल की खदानों के लिए मूसलाधार बारिश ने चिंता और बढ़ा दी है। आषाढ़ में हो रही मूसलाधार बारिश से एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं में कोयला उत्पादन खासा प्रभावित हुआ है। एसईसीएल की मेगा प्रोजेक्ट गेवरा में डेली कोल प्रोडक्शन तय लक्ष्य से आधा हो गया है। मेगा प्रोजेक्ट दीपका और कुसमुंडा का भी कुछ इसी तरह का हाल है।
एसईसीएल की अन्य खदानों पर भी मूसलाधार बारिश के कारण कोयला उत्पादन बाधित हुआ है। एसईसीएल की खदानों में उत्पादन घटने का सीधा असर बिजली प्लांट पर पड़ता है। क्योंकि अधिकांश प्लांटों में एसईसीएल की खदानों से ही कोयले की सप्लाई होती है। हालांकि बिजली प्लांटों में अभी वर्तमान जरूरत के अनुसार कोयले की उपलब्धता है। लेकिन खदानों में कोयला उत्पादन के यही हालात आगे भी रहे तो बिजली प्लांटों को कोयले की कमी से जूझना पड़ सकता है।
जनसंपर्क अधिकारी एसईसीएल बिलासपुर ने बताया कि बारिश से खनन प्रभावित हुआ है। हालांकि कंपनी के स्टॉक में पर्याप्त कोयला मौजूद है। यहां से बिजली संयंत्रों को रेल व सड़क मार्ग के रास्ते कोयले की आपूर्ति की जा रही है।

