Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अब गुजरात के स्कूलों में 6वीं से 12वीं तक के बच्चों को दिया जायेगा गीता का ज्ञान, पढ़ाई जायेगी श्रीमद्भागवत गीता
    Breaking News Headlines

    अब गुजरात के स्कूलों में 6वीं से 12वीं तक के बच्चों को दिया जायेगा गीता का ज्ञान, पढ़ाई जायेगी श्रीमद्भागवत गीता

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 18, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    अहमदाबाद. गुजरात सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ाने का फैसला लिया है. फर्स्ट फेज में 6वीं से 12वीं तक के बच्चे गीता के श्लोक और मर्म को समझेंगे. इस बात का ऐलान गुरुवार को सरकार की ओर से जारी नई शिक्षा नीति में किया गया. नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के सभी स्कूल बच्चों को भगवत गीता के सिद्धांत और मूल्य पढ़ाएंगे. इसके साथ ही पहली और दूसरी क्लास के लिए अंग्रेजी सब्जेक्ट शुरू करने का भी फैसला लिया गया है, जिससे बच्चे शुरुआत से ही गुजराती के अलावा अंग्रेजी में भी निपुण हो सकें. नवंबर-दिसंबर में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए स्कूल सिलेबस में गीता को शामिल करने को चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है.

    ये थीं राज्य सरकार की सिफारिशें

    – 2022-23 से शुरू हो रहे सेशन में भारतीय संस्कृति और ज्ञान प्रणाली को शामिल किया जाए.
    – पहले चरण में भगवद गीता के मूल्यों और सिद्धांतों को कक्षा 6 से 12 तक बच्चों की समझ और रुचि के अनुसार पढ़ाया जाए.
    – कक्षा में भगवद गीता का परिचय, 9वीं से 12वीं में श्रीमद्भगवद्गीता को कहानी और पाठ के रूप में पढ़ाएं.
    – प्रार्थना में श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया जाए.
    – स्कूलों में भगवत गीता पर श्लोक ज्ञान, श्लोक पूर्ति, निबंध, नाटक, पेंटिग, क्विज जैसी स्पर्धाएं भी करवाई जाएं.
    – 6 से 12 तक के बच्चों के लिए स्टडी मटेरियल (प्रिंटेड, ऑडियो-विजुअल आदि) प्रदान की जाए.

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गीता ज्ञान देने की वजह
    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा प्रणाली और शैक्षणिक संस्थानों का मार्गदर्शन करने वाले बुनियादी सिद्धांत बनाए गए हैं. इनमें से एक सिद्धांत छात्रों को भारत की समृद्ध, विविध, प्राचीन और आधुनिक संस्कृति और ज्ञान प्रणालियों के साथ-साथ परंपराओं से गर्व और जुड़ाव महसूस कराने की कोशिश करना है. इसके लिए जरूरी है कि भारतीय संस्कृति की जानकारियों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, जो छात्रों के समग्र विकास में भी सहायक हो.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपंजाब में EX CM प्रकाश सिंह बादल ने 5 लाख रुपए प्रतिमाह की पेंशन छोड़ी
    Next Article टीआरपी शुरू, न्यूज चैनल्स ने खुद को बताया नंबर-1 तो सोशल मीडिया ने लिए मजे

    Related Posts

    चाईबासा गोइलकेरा से बड़ी खबर: मुठभेड़ में एक लाख का इनामी नक्सली ढेर

    April 29, 2026

    सारंडा के ग्रामीण दोहरी मार झेल रहे: नक्सली डर के बीच हाथी भी मचा रहे उत्पात 

    April 29, 2026

    कोषागार निकासी में सतर्कता बरतने के निर्देश, बिना सत्यापन वेतन भुगतान पर रोक

    April 29, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    चाईबासा गोइलकेरा से बड़ी खबर: मुठभेड़ में एक लाख का इनामी नक्सली ढेर

    सारंडा के ग्रामीण दोहरी मार झेल रहे: नक्सली डर के बीच हाथी भी मचा रहे उत्पात 

    कोषागार निकासी में सतर्कता बरतने के निर्देश, बिना सत्यापन वेतन भुगतान पर रोक

    सराइकेला कोर्ट ने विजय तंतूबाई की रंगदारी सहित एस टी/एस सी, मामले में अग्रिम जमानत याचिका रिजेक्ट

    मंडल कारा व कल्याण योजनाओं की समीक्षा, पीवीटीजी सर्वे में तेजी लाने के निर्देश

    भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा, मुआवजा भुगतान में तेजी लाने के निर्देश

    कस्तूरबा गांधी एवं बालिका आवासीय विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया की समीक्षा, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

    जामताड़ा में विधि, सहकारिता, सांख्यिकी एवं नीलाम पत्र शाखा के कार्यों की समीक्षा

    विधायक ने 4.75 करोड़ से चार सड़कों का शिलान्यास, निर्माण में लापरवाही पर ठेकेदार को फटकार

    जादूगोड़ा प्लस टू भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, घटिया सामग्री व कम मजदूरी पर झामुमो का विरोध

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.