Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कुड़मी महतो पर गलत बयान दे रही सरकार : सुनील
    Breaking News जमशेदपुर

    कुड़मी महतो पर गलत बयान दे रही सरकार : सुनील

    News DeskBy News DeskMarch 11, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    • 1901 की जनगणना में ट्राइब्स को अबॉर्जिनल का उल्लेख

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जमशेदपुर। आदिवासी कुड़मी समाज के केंद्रीय महासचिव अधिवक्ता सुनील महतो ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कुड़मी के संबंध में गलतबयानी कर रही है। सच्चाई यह है कि 1901 ई की जनगणना में कुड़मी महतो समेत अन्य ट्राइब का उल्लेख अबॉर्जिनल है। सीएनटी एक्ट 1908 अबॉर्जिनल रैयतों की जमीन की सुरक्षा के लिए ही बनाया गया था। उस समय एसटी, एससी और ओबीसी या आदिवासी शब्द नहीं था। सन 1913 ईस्वी में कस्टमरी लॉ एबोरिजनल लोगों के लिए नोटिफिकेशन होने के बाद ही कुड़मी महतो समेत अन्य ट्राइबल रैयतों को भी सीएनटी एक्ट में एबोरिजिनल रैयत शब्द लिखा गया था। यह शब्द 5 नवंबर 1955 तक था। तब एसटी शब्द सीएनटी में नहीं था।
    एबोरिजिनल रैयत् का अर्थ ही आदिवासी रैयत है।
    अधिवक्ता सुनील महतो के अनुसार झारखंड सरकार किस आधार पर दावा करती है कि सीएनटी एक्ट में कुड़मी आदिवासी शब्द नहीं था?
    वैसे तो संविधान में अभी भी आदिवासी शब्द नहीं है और ना ही किसी को आदिवासी होने का सर्टिफिकेट दिया जाता है।
    झारखंड में अजब स्थित है यहां सवाल कुड़मियों पर होता है और सरकार व्याख्या कुरमी की करती है।
    झारखंड में कुड़मी महतो आदिवासी से भी पुराने आदिवासी हैं। यहां के आदिवासी मुख्यमंत्री कुड़मी के विरोध में ही रिपोर्ट बनवाते रहे हैं और इसके पीछे ईसाई मिशनरियों की साजिश रही है। उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि जब कुड़मी महतो आदिवासी लिस्ट में आएंगे तो धर्मांतरण के आधार पर विरोध करेंगे।
    अधिवक्ता सुनील महतो के अनुसार झारखंड में ईसाई धर्मगुरु कुड़मी महतो पलुस नेमो को बनाया गया लेकिन मिशनरी कुड़मियों का बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन कराने में असफल रही है।
    एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे मैं साफ हो चुका है कि कुड़मी और कुर्मी अलग है।
    ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए इस कुड़मी नेता ने कहा कि 1793 से लेकर 1955 तक कुड़मी रैयत का जमीन कोई हस्तांतरित नहीं कर सकता था। उनकी जमीन हड़पने के लिए ही एसटी सूची से कुड़मी को बाहर कर दिया गया।
    इस नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह तथ्यों के आधार पर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजे, जिससे कुड़मियों को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआधुनिक पावर ने सुरक्षा के प्रति सचेत श्रमिकों और इंजीनियरों को किया पुरस्कृत
    Next Article स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी

    Related Posts

    जमशेदपुर समेत कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, रातभर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण

    May 14, 2026

    रफ्तार का कहर, हाईवा ट्रक से कुचलकर मासूम छात्रा की मौत

    May 14, 2026

    आदित्यपुर में दुकानदार और दो बेटों पर जानलेवा हमला, पुलिस के सामने चली मारपीट; इलाके में दहशत

    May 14, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जमशेदपुर समेत कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, रातभर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण

    रफ्तार का कहर, हाईवा ट्रक से कुचलकर मासूम छात्रा की मौत

    आदित्यपुर में दुकानदार और दो बेटों पर जानलेवा हमला, पुलिस के सामने चली मारपीट; इलाके में दहशत

    छोटागोविंदपुर में विधायक मंगल कालिंदी ने किया ब्राह्मण समाज के भवन का भूमि पूजन; वर्षों पुरानी माँग हुई पूरी

    प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या, आरोपी को उम्रकैद

    जल्द पूरा होगा मानगो जलापूर्ति योजना, मानगो की जनता से किया वायदा निभाया: मेयर सुधा गुप्ता

    जमशेदपुर का कुख्यात अंबे पंजाब में बना जल्लाद, भाई-भाभी की गोली मारकर हत्या

    रुजिरा बनर्जी के दो पैन कार्ड और अलग-अलग दस्तावेजों पर पिता के नाम को लेकर विवाद

    बारामती में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की क्रैश लैंडिंग, बाल-बाल बचा पायलट

    मौत रुलाती नहीं, ‘मोह’ रुलाता है: जीवन का कड़वा सच | राष्ट्र संवाद

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.