जान जोखिम में डालकर गंगा पार करने की मजबूर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
साहिबगंज-मनिहारी के बीच गंगा पार करना अब सफर नहीं, मजबूरी और जोखिम का दूसरा नाम बन गया है। बढ़ते जलस्तर, भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के बंद होने और साहिबगंज-मनिहारी पैसेंजर जहाज सेवा लंबे समय से ठप रहने के कारण यात्रियों के सामने नाव के सहारे गंगा पार करने के अलावा फिलहाल कोई आसान विकल्प नहीं बचा है।

मुश्किल यहीं खत्म नहीं होती… मजबूरी के इस सफर पर कथित मनमानी वसूली का आरोप भी यात्रियों ने लगाया है। साहिबगंज जिले की सीमा में जिस घाट से नाव के जरिए लोगों को गंगा पार कराया जा रहा है, वहां निर्धारित किराये से अधिक रकम वसूलने की शिकायत सामने आ रही है। यात्रियों का आरोप है कि गंगा पार करने के बाद साहिबगंज पहुंचने के लिए टोटो का किराया भी मनमाने तरीके से लिया जा रहा है। यानी एक तरफ गंगा की धार का खतरा, दूसरी तरफ जेब पर अतिरिक्त बोझ।
यात्रियों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर किराया व्यवस्था स्पष्ट करने और कथित मनमानी वसूली पर कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब गंगा पार करना लोगों की मजबूरी है, तो क्या उनकी इस मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है? निगाहें साहिबगंज और कटिहार जिला प्रशासन पर हैं कि यात्रियों की परेशानी और कथित अवैध वसूली के आरोपों पर क्या कदम उठाया जाता है।

