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    जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक, निचले इलाकों में रात में सावधानी जरूरी : सरयू राय

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 18, 2026No Comments3 Mins Read
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    जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक
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    जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है। विधायक सरयू राय ने निचले इलाकों के निवासियों को रात में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

    जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक: ताजा अपडेट

    जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक हो गई है। स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर और खरकई नदी पांच मीटर ऊपर बह रही है। दोनों नदियों का पानी लगातार बढ़ रहा है। यह स्थिति वर्ष 2008 में आई बाढ़ के पानी से थोड़ी ही नीचे है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को रात में विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है।

    अनेक इलाकों का भ्रमण करने के बाद श्री राय ने कहा कि उन्होंने जनता को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए उपायुक्त से प्रशासन, मानगो नगर निगम, जेएनएसी और टाटा यूआईएसएल को तैनात रहने का आदेश जारी करने के लिए कहा है। उपायुक्त ने बताया है कि प्रशासन दोपहर बाद तीन बजे से तैनात है और स्थिति पर नजर रखे हुए है। सभी सामुदायिक भवनों और स्कूलों में बाढ़ पीड़ितों के रहने और भोजन की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है।

    सरयू राय ने बताया कि जदयू के कार्यकर्ता और नेता कदमा, सोनारी और मानगो के निचले इलाकों में पीड़ितों के लिए राहत सामग्रियों की व्यवस्था में लगे हुए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रशासन, जेएनएसी और मानगो नगर निगम के साथ तालमेल बिठाकर पीड़ितों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित कराने के लिए लगे रहने का अनुरोध किया है।

    उन्होंने कहा कि उन्होंने कुँअर बस्ती, श्याम नगर सहित कई बाढ़ग्रस्त इलाकों में घूमकर स्थिति का जायजा लिया और मानगो नगर निगम तथा जेएनएसी द्वारा की जा रही व्यवस्था में मदद की।

    सरयू राय ने बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को भी विशेष रूप से तैनात रहने की जरूरत बताई। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के ट्रांसफॉर्मर और जंपर की जांच करने तथा यदि बिजली की लाइन बंद करनी पड़े तो हैलोजन आदि वैकल्पिक प्रकाश की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है।

    बाढ़ सुरक्षा और सहायता के उपाय

    प्रशासन ने सामुदायिक भवनों और स्कूलों में राहत शिविर स्थापित किए हैं जहां पीड़ितों के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। जदयू कार्यकर्ता घर-घर जाकर राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

    बाढ़ से बचाव के जरूरी उपाय

    • निचले इलाकों के निवासी ऊंचे स्थानों पर चले जाएं और आपातकालीन किट तैयार रखें।
    • बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें, हैलोजन या टॉर्च का उपयोग करें।
    • प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
    • पानी पीने से पहले उबालें या क्लोरीन की गोलियां उपयोग करें।
    • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

    वर्ष 2008 की बाढ़ ने जमशेदपुर में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें सैकड़ों घर डूब गए थे और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। वर्तमान स्थिति उससे थोड़ी ही कम गंभीर है, इसलिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। स्वर्णरेखा नदी और खरकई नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।

    मौसम और बाढ़ की अद्यतन जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

    जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है लेकिन प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से इस आपदा का सामना किया जा सकता है।

    खरकई नदी स्वर्णरेखा नदी
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