राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। चर्चित राज कॉम चिटफंड घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। 12 साल बीत जाने के बावजूद करोड़ों रुपये की ठगी के मुख्य आरोपी यूसिल के पूर्व कर्मी कमल सिंह और उसका भाई दीपक सिंह अब तक फरार हैं, जिससे निवेशकों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2008 से शुरू इस चिटफंड में लोगों को 5% ब्याज का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेश कराया गया। यूसिल कर्मियों और ग्रामीणों ने जमीन तक बेचकर पैसा लगाया। सितंबर 2013 में आरोपी परिवार समेत फरार हो गए और लोगों की जीवनभर की कमाई डूब गई।
इस घोटाले में कई निवेशक सदमे से बीमार पड़े, जबकि कुछ की मौत तक हो गई। जादूगोड़ा थाना में कांड संख्या 61/2013 दर्ज है, हालांकि मुख्य आरोपी अब भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं।
वर्तमान में राज बाजार (मॉल), जो कभी इस नेटवर्क का केंद्र था, खंडहर में तब्दील हो चुका है। पीड़ितों को उम्मीद है कि इसकी बिक्री से उन्हें राहत मिल सकती है।
राज निवेशक संघ ने मामले को सीबीआई और हाईकोर्ट तक पहुंचाया है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नया थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

