एशियाई खेलों में भारत का दमदार प्रदर्शन
– महेन्द्र तिवारी
जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 के एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। भारत ने प्रतियोगिता का समापन 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदकों के साथ किया और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने 106 पदक जीते थे, इसलिए इस बार कुल पदकों की संख्या भले ही कम रही, लेकिन 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्वर्ण प्रदर्शन दर्ज किया।
भारतीय अभियान का अंतिम दिन विशेष रूप से यादगार रहा। एक ही दिन भारत ने पांच स्वर्ण पदक जीते। पुरुष हॉकी, पुरुष क्रिकेट, कुश्ती, तीरंदाजी और गोल्फ में भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए। इन सफलताओं ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत को पदक तालिका में चौथे स्थान तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सबसे अधिक चर्चा पुरुष क्रिकेट टीम की रही, जिसने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों पर 61 रन की तेज पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 192 रन तक पहुंच सकी। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष क्रिकेट में अपना खिताब बरकरार रखा।
पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल किया। यह भारत का एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का पांचवां स्वर्ण पदक है। इस जीत के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण जीता और 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधा प्रवेश भी सुनिश्चित कर लिया।
भारत के लिए तीरंदाजी और गोल्फ में भी ऐतिहासिक उपलब्धियां सामने आईं। 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में स्वर्ण जीतकर नया इतिहास रचा। वहीं प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत महिला गोल्फ का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
इस बार भारत की सफलता केवल कुछ लोकप्रिय खेलों तक सीमित नहीं रही। निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। इससे पता चलता है कि देश में विभिन्न खेलों के लिए तैयार हो रहा आधार पहले की तुलना में व्यापक हुआ है।
हालांकि 2023 के 106 पदकों की तुलना में इस बार 85 पदक मिले, फिर भी 2026 के एशियाई खेलों की उपलब्धियों को केवल कुल संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। पुरुष और महिला हॉकी दोनों में स्वर्ण, क्रिकेट में पाकिस्तान पर जीत, तीरंदाजी और गोल्फ में ऐतिहासिक उपलब्धियां तथा कुश्ती में शानदार प्रदर्शन भारतीय खेलों की बढ़ती क्षमता का संकेत देते हैं। अब इन उपलब्धियों को 2028 के ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन में बदलना भारतीय खिलाड़ियों और खेल व्यवस्था के सामने अगली बड़ी चुनौती होगी।

