*सामाजिक समस्याओं के समाधान और सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए तीन माह की संयोजक मंडली बनी*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
भूमिज समाज को बिखराव से निकालकर संगठित करने तथा उसकी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए सरायकेला में पहल शुरू की गई है। इसी क्रम में नरसिंहपुर आदिवासी कला सांस्कृतिक भवन में भूमिज समाज की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एमपी सिंह सरदार ने की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अशिक्षा और आधुनिकता के प्रभाव के कारण समाज की नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर हो रही है। भूमिज समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और अधिकारों की जानकारी का भी व्यापक अभाव है। संगठन की कमी के कारण सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास कमजोर हुए हैं।
कहा गया कि सरायकेला के भूमिज समाज को अन्य क्षेत्रों के समाज से भी बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। सामाजिक आंदोलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज की पहचान को मजबूत किया जा सकता है।
संयोजक मंडली में विद्या सरदार (नरसिंहपुर), अभिमन्यु सरदार (साहेबगंज), गणेश सरदार (रंगाडीह), गोविंद सरदार (महलीमुरूम), विष्णु सिंह सरदार, एमपी सरदार (पदमपुर), रामू सरदार (कदमडीह), शंकर सरदार तथा गरबा सरदार (रांगाडीह) को सर्वसम्मति से तीन माह के लिए मनोनीत किया गया।
बैठक में भारतीय आदिवासी भूमिज समाज के अध्यक्ष पागा सरदार तथा गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष कालीचरण सरदार के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। झारखंड ट्राइबल भूमिज काउंसिल के सचिव युधिष्ठिर सरदार और झारखंड आंदोलनकारी धनपति सरदार की देखरेख में सरायकेला अनुमंडल स्तर की संयोजक मंडली गठित की गई।

