पुतला गायब, कांग्रेसी हैरान”: यूथ कांग्रेस का बना मज़ाक
राष्ट्र संवाद संवाददाता
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम के विरोध में झारखंड के धनबाद में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन उल्टा पड़ गया।’शुद्धिकरण’ विवाद का धनबाद वाला एपिसोड तो बस इतना ही रहा: यूथ कांग्रेस आई, पुतला लाई, और भाजपा ने छीनकर ले गई — यूथ प्रदेश अध्यक्ष सहित बाकी सब कांग्रेसी बस तमाशबीन बनकर देखते रह गए.
पुतला गायब, नेता हैरान
सैकड़ों युवा कांग्रेसी और उनके प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव भाजपा जिला कार्यालय के बाहर इस अंदाज़ में खड़े थे जैसे किसी ने उनकी बारात में से दूल्हा ही गायब कर दिया हो। एक तरफ यूथ भाजपा और महिला मोर्चा की दो कार्यकर्ताएँ पुतला छीनकर ऐसे फरार हुईं जैसे ओलंपिक में 100 मीटर रेस जीत ली हो, और दूसरी तरफ कांग्रेसी बस मुँह ताकते रह गए — “अरे भाई, पुतला कहाँ गया?”
“पुतला दहन नहीं, पुतला हरण”
यूथ कांग्रेस का प्रोग्राम था “पुतला दहन”, लेकिन भाजपा ने इसे “पुतला हरण” में बदल दिया। कांग्रेसियों ने तो सोचा भी नहीं था कि भाजपा कार्यकर्ता इतने फुर्तीले होंगे कि पुतला छीनकर फरार हो जाएंगे।
“प्रदेश अध्यक्ष बने मूकदर्शक”
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव और जिलाध्यक्ष आदित्य तो बस देखते रह गए — जैसे कोई मैच देख रहा हो और अपनी टीम हार रही हो, लेकिन कुछ कर नहीं सकता। इतने सारे कार्यकर्ताओं के बीच दो भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला छीना और कोई रोकने वाला नहीं! शायद कांग्रेसी सोच रहे थे कि “पुतला तो हमारा है, भाजपा वाले क्या करेंगे?” — लेकिन भाजपा वालों ने तो कर दिखाया!
खाली हाथ और खाली दिमाग। हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद का यह धनबाद वाला एपिसोड तो बस इतना ही रहा – कांग्रेसी आए, पुतला लाए, और भाजपा ने छीनकर ले गए, बाकी सब देखते रह गए!अब तो राहुल गांधी को भी सोचना चाहिए कि अगली बार ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में निकलने वाले कार्यकर्ताओं को प्रतिमा दहन का नहीं, बल्कि प्रतिमा सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए!
पुरे प्रदेश भर में यूथ कांग्रेस का मज़ाक बना
प्रदेश भर में यूथ कांग्रेस का मज़ाक बन रहा है — “आए, देखे, और हिरासत में चले गए!” सोशल मीडिया पर तो मीम्स की बाढ़ आ गई है — कोई कह रहा है “यूथ कांग्रेस नहीं, यूथ कॉमेडी क्लब खुल गया है!”, तो कोई पूछ रहा है “अगली बार पुतला दहन होगा या पुतला सुरक्षा प्रशिक्षण शिविर?” एक बात तो तय है — हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद धनबाद में ‘अशुद्धिकरण’ में बदल गया, और युवा कांग्रेस की छवि तो बस इतनी ही रह गई: “प्रतिमा लानी थी, पर प्रतिमा ही गायब हो गई!” अब तो कांग्रेसी सोच रहे होंगे कि अगली बार ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में निकलने के बजाय ‘अशुद्धिकरण’ के समर्थन में निकलें — वहाँ कम से कम प्रतिमा तो गायब नहीं होगी, और मज़ाक भी नहीं बनेगा!

