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    Home » विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस पर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर जोर
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    विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस पर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर जोर

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMay 26, 2026No Comments2 Mins Read
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    विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस पर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर जोर

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर: विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस के अवसर पर टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) की इमरजेंसी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बिनीता पाणिग्रही ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के महत्व और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी डिपार्टमेंट किसी भी अस्पताल का “हृदय” होता है, जहां 24 घंटे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

    डॉ. पाणिग्रही ने बताया कि इस वर्ष विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस की थीम “सेफ स्पेस फॉर इमरजेंसी मेडिसिन टीम्स – स्टॉप वायलेंस एवरीवेयर” रखी गई है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तनाव, मरीजों की भीड़ और परिजनों की भावनात्मक स्थिति के कारण कई बार इमरजेंसी विभाग हिंसक घटनाओं का शिकार हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।

    उन्होंने बताया कि भारत में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान मौजूद हैं और कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कानून लागू किए थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक आवश्यकता भी है।

    टीएमएच के इमरजेंसी विभाग की जानकारी देते हुए डॉ. पाणिग्रही ने कहा कि यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल टीम की 24×7 उपलब्धता रहती है तथा प्रतिदिन 200 से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है। आपदा प्रबंधन के लिए नियमित मॉक ड्रिल और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस उन स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण को सम्मान देने का अवसर है, जो कठिन परिस्थितियों में लगातार लोगों की जान बचाने में जुटे रहते हैं।

    विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस पर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर जोर
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