हाथियों का आतंक, जुगिलोंग गांव में किसानों की फसल बर्बाद 15 दिनों से कदला पहाड़ पर डेरा जमाए है झुंड, ग्रामीणों में दहशत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : नीमडीह प्रखंड के जुगिलोंग गांव में इन दिनों हाथियों का आतंक छाया हुआ है। पिछले पंद्रह दिनों से कदला पहाड़ में दर्जनों हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। शाम ढलते ही ये हाथी खेतों में घुस आते हैं और किसानों की दूधभरी धान की फसल को निवाला बना रहे हैं। कई खेतों में तो हाथियों ने पौधों को पैरों तले रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने रातभर टॉर्च जलाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। समीर सिंह, मिरु सिंह, किरण गोप, रुगरू गोप, हाराधन गोप, अनिल गोप, बिरेन गोप, प्रदीप गोप, विश्वनाथ गोप, गौरी गोप, अना गोप, बबलू गोप, महाबीर गोप, भैरव गोप, रंजीत गोप, मानिक गोप, जीतू गोप, तपन गोप और कंका गोप समेत कई किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
किसानों का कहना है कि धान की खेती में उन्होंने मेहनत, समय और रुपये लगाए थे, लेकिन एक ही रात में हाथियों ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। अब किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
वन विभाग पर ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार वन विभाग से मदद की गुहार लगाई, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द हाथियों के झुंड को गांव से भगाया जाए और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कदला पहाड़ से हाथियों को नहीं हटाया जाता, तब तक पूरे क्षेत्र की फसलों पर खतरा बना रहेगा। गांव के लोग दहशत में हैं और रातों की नींद उड़ चुकी है।

