Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » माघ पूर्णिमा पर स्नान कर देवता करते है देवलोक गमन!
    Headlines धर्म

    माघ पूर्णिमा पर स्नान कर देवता करते है देवलोक गमन!

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 27, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    श्री कल्लाजी वैदिक विश्व विद्यालय, निम्बाहेड़ा के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डाॅ मृत्युंजय तिवारी के अनुसार जब कर्क राशि में चन्द्रमा और मकर राशि में सूर्य प्रवेश करते हैं, तब माघ पूर्णिमा का पवित्र योग बनता है. इस वर्ष यह 27 फरवरी को है, ब्रह्मवैवर्त पुराण, पद्मपुराण और निर्णयसिंधु में कहा गया है कि माघी पूर्णिमा के दिन खुद भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं. अतः इस पावन दिन मान्यता है कि गंगा जल के स्पर्श मात्र से समस्त पापों का नाश हो जाता है. ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, इस योग में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा युक्त दोषों से मुक्ति मिलती है. इसीलिए सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए माघी पूर्णिमा का स्नान बहुत फलदायी माना जाता है.

    इस दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करना और उत्तम गति प्रदान करता है. शास्त्रों में कहा गया है मासपर्यन्त स्नानासंभवे तु त्रयहमेकाहां वायात् अर्थात् जो मनुष्य स्वर्गलोक में स्थान पाना चाहते हैं, उन्हंे माघ मास में सूर्य की मकर राशि में स्थित होने पर तीर्थ स्नान अवश्य करना चाहिए. इस दिन स्नान-दान करते समय ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप अवश्य करें.

    यह भी माना जाता है कि इस दिन सभी देवता पृथ्वी पर आकर प्रयाग में स्नान, दान करने के साथ-साथ मनुष्य रूप धारण करके भजन, सतसंग आदि करते हैं और माघ पूर्णिमा के दिन सभी देवी-देवता अंतिम बार स्नान करके अपने लोकों को प्रस्थान करते हैं. कल्पवासी क्षौरकर्म, मुंडन आदि के बाद विधि-विधान से गंगा स्नान कर सत्यनारायण की पूजा करते हैं. कंबल, कपास, गुड़, घी, मोदक, छाता, फल और अन्न आदि दक्षिणा दी जानी चाहिए. इस दिन पितरों का श्राद्ध-तर्पण करने की भी परंपरा है. इससे सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. विष्णु भगवान की पूजा में केला पत्ता, पंचामृत, सुपारी, पान, शहद, मिष्ठान, तिल, मौलि, कुमकुम, दूर्वा का उपयोग अवश्य करना चाहिए.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleएमपी कांग्रेस में एक नियुक्ति पर मचा बवाल, अरुण यादव ने कमलनाथ पर साधा निशाना
    Next Article यूपी हाईकोर्ट से फर्जी बीएड डिग्री वाले 2823 अध्यापकों को बड़ा झटका, बर्खास्तगी को दिया सही करार

    Related Posts

    ‘बिग बॉस 20’ में दिखेगा नया चेहरा: राजनीति और सिनेमा के दिग्गज मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी की एंट्री तय

    September 3, 2026

    Vivo T5 5G भारत में लॉन्च, 7050mAh बैटरी और 144Hz कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले के साथ कीमत 34999 रुपये से शुरू

    September 3, 2026

    भारत में पहली बार महिला चैंपियंस ट्रॉफी का महासंग्राम, 14 फरवरी से मुंबई और वडोदरा में भिड़ेंगी दुनिया की छह दिग्गज टीमें

    September 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    ‘बिग बॉस 20’ में दिखेगा नया चेहरा: राजनीति और सिनेमा के दिग्गज मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी की एंट्री तय

    Vivo T5 5G भारत में लॉन्च, 7050mAh बैटरी और 144Hz कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले के साथ कीमत 34999 रुपये से शुरू

    भारत में पहली बार महिला चैंपियंस ट्रॉफी का महासंग्राम, 14 फरवरी से मुंबई और वडोदरा में भिड़ेंगी दुनिया की छह दिग्गज टीमें

    वैभव सूर्यवंशी का शानदार 2026 2022 रन और 161 छक्कों के साथ बनाया खास रिकॉर्ड

    पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा राममंदिर के पहले सीईओ बने, ट्रस्ट में 3 नये सदस्यों की भी नियुक्ति

    CEIR तकनीक बनी पुलिस का हथियार, ₹5.40 लाख के 35 गुम मोबाइल बरामद

    यूपी से मुंबई तक फैला 139 करोड़ का MD ड्रग्स सिंडिकेट ध्वस्त, 21 गिरफ्तार

    वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय वर्मन बने ‘राष्ट्र संवाद’ के कोल्हान प्रभारी

    आत्मनिर्भर भारत की अर्थव्यवस्था ने रचा नया इतिहास

    नेपाल बाढ़: जलवायु न्याय की पुकार और मुआवजे की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.