अयोध्या. पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ होंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को इसका ऐलान किया. मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया. ट्रस्ट में 3 नए सदस्य भी बनाए गए हैं. इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और आरएसएस समर्थक शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं. निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी.
यह बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामला सामने आने के 3 महीने के बाद हुआ. इस मामले में 8 आरोपी जेल में हैं. इसके बाद 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद रिटायर्ड ढ्ढस्नस् कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था.
जीतेंद्र मिश्रा ही क्यों बनाए गए सीईओ
ऑपरेशन सिंदूर में हीरो इमेज: जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे. उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल भी मिला.
यूपी से कनेक्शन: वे देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं. यानी राम मंदिर ट्रस्ट के सीईअओ की नियुक्ति में उनका यूपी कनेक्शन भी है.
सैन्य अनुभव का इस्तेमाल: करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले. ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है.
अब 3 नए ट्रस्टियों के बारे में जानिए
एडवोकेट मदन मोहन पांडेय: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े पक्ष की दलीलों में उनकी अहम भूमिका रही. जनवरी 2024 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके 51 साल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
महेश भागचंदका: दिल्ली के कारोबारी और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वह अशोक सिंघल फाउंडेशन चलाते हैं और अशोक सिंघल : हिंदुत्व के पुरोधा, बोलती अनुभूतियां और श्री राम मंदिर काव्य यात्रा जैसी किताबें लिख चुके हैं. 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में वह मुख्य यजमान रहे थे.
निर्मला यादव: शिकोहाबाद की हैं और क्रस्स् से जुड़ी रही हैं. वे ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य हैं. इससे ट्रस्ट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है.

