Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » निचली अदालतों की जल्दबाजी पर सुको सख्त, आरोपी की मौत की सजा को 30 साल कैद में बदला
    Breaking News Headlines

    निचली अदालतों की जल्दबाजी पर सुको सख्त, आरोपी की मौत की सजा को 30 साल कैद में बदला

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 19, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. हत्या और बलात्कार जैसे अपराध से जुड़े मामलों में फैसला सुनाने में निचली अदालतों की जल्दबाजी पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. कोर्ट का कहना है कि आरोपी को अपनी सजा की मात्रा के संबंध में बहस करने के लिए पर्याप्त समय और मौका दिए जाने की बात कही है. कोर्ट साल 2017 के एक मामले पर सुनवाई कर रहा था, जहां एक आरोपी की मौत की सजा को 30 साल की जेल में बदला गया. जस्टिस एल नागेश्वर राव, बीआर गवई और बीवी नागरत्ना की पीठ ने यह टिप्पणी की है.

    मध्य प्रदेश में साल 2017 में सामने आए 11 वर्षीय लड़की की हत्या औऱ बलात्कार मामले में कोर्ट ने आरोपी की मौत की सजा को 30 साल कैद में बदल दिया. कोर्ट ने कहा कि सजा निर्धारित करने में निष्पक्ष सुनवाई का उल्लंघन किया गया था, क्योंकि उसे सजा सुनाए जाने पहले कोर्ट की तरफ से मौका नहीं दिया गया. कोर्ट ने कहा कि खासतौर से मौत की सजा से जुड़े मामले में व्यक्ति को सजा की मात्रा पर बहस करने के लिए पर्याप्त समय और मौका दिया जाना चाहिए.
    कोर्ट ने कहा कि यह न्याय के साथ मजाक है, क्योंकि अपील करने वाले को खुद का बचाव करने का उचित मौका नहीं दिया गया. यह सही केस है, जो हत्या औऱ बलात्कार समेत मामलों में निचली अदालतों के जल्दबाजी में फैसला सुनाने की प्रवृत्ति को दिखाता है. अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है. कहा गया कि एक ही दिन में दोष सिद्ध होने और सजा सुनाने के आदेश जारी होने के संबंध में CrPC की धारा 235(2) का मकसद यह है कि आरोपी को अपने लिए मिली सजा के बारे में बात करने का मौका मिले.

    बेंच ने कहा कि आऱोपी को मौका देने के लिए दोष सिद्ध होने और सजा दिए जाने में दो हिस्सों में सुनवाई होना जरूरी है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी पहली बार अपराध करने वाला था, अनुसूचित जनजाति के गरीब परिवार से था, सुधार की संभावनाओं जैसे हालात पर निचली अदालत की तरफ से विचार नहीं किया गया.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआजमगढ़ की गोपालपुर विधानसभा सीट से होंंगे मैदान में अखिलेश यादव
    Next Article लोजपा( रामविलास )पार्टी के प्रखण्ड अध्यक्षों की सूची जिला अध्यक्ष प्रेम पासवान ने किया जारी!

    Related Posts

    तेज प्रताप और मनीष कश्यप की बहस ने मचाया बवाल, ‘राइज एंड फॉल 2’ में आतिशबाजी टास्क ने बढ़ाया पारा

    October 2, 2026

    एशियन गेम्स: श्रीलंका को 124 रनों से रौंदकर फाइनल में भारत, अब गोल्ड मेडल के लिए पाकिस्तान से महामुकाबला

    October 2, 2026

    मिडिल ईस्ट में बढ़ा हवाई खतरा: EASA ने सऊदी अरब और जॉर्डन के एयरस्पेस से बचने के दिए निर्देश

    October 2, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Stake Casino Online: Quick Sessions and the Art of the Instant Spin

    Stake Casino Mobile Play: Snelle Sessies en Direct Crypto Actie

    Strategy unlocks potential winnings with casinozonderstortingbonus.nl and informed choices

    तेज प्रताप और मनीष कश्यप की बहस ने मचाया बवाल, ‘राइज एंड फॉल 2’ में आतिशबाजी टास्क ने बढ़ाया पारा

    एशियन गेम्स: श्रीलंका को 124 रनों से रौंदकर फाइनल में भारत, अब गोल्ड मेडल के लिए पाकिस्तान से महामुकाबला

    मिडिल ईस्ट में बढ़ा हवाई खतरा: EASA ने सऊदी अरब और जॉर्डन के एयरस्पेस से बचने के दिए निर्देश

    महाराष्ट्र के रायगढ़ में दर्दनाक हादसा: दिवेआगर बीच पर डूबने से पुणे के 8 छात्रों की मौत

    महाराष्ट्र में दर्दनाक हादसा : मां दुर्गा की मूर्ति लेकर जा रही पिकअप को ट्रक ने मारी टक्कर, 7 की मौत, 21 घायल

    एक दशक से बिरसानगर थाना पर निलंबन की तलवार क्यों?

    ओल्ड बाराद्वारी में युवक पर फायरिंग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.