Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » डायमंड जुबली में जमीन देने वाले ग्रामीण ही रहे उत्सव से बाहर!
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    डायमंड जुबली में जमीन देने वाले ग्रामीण ही रहे उत्सव से बाहर!

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 7, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    डायमंड जुबली में जमीन देने वाले ग्रामीण ही रहे उत्सव से बाहर!

    पब्लिक हियरिंग से लेकर विस्थापन तक कंपनी के साथ खड़े रहे ग्राम प्रधान, मुखिया और प्रभावित परिवार, लेकिन डायमंड जुबली समारोह में नहीं मिला न्योता; मुखिया श्री राम सोरेन ने कहा—“यह ग्रामीणों का अपमान है”

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जादूगोड़ा।* यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के 60वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर नारवापहाड़ गेस्ट हाउस में आयोजित डायमंड जुबली समारोह अब जश्न नहीं, सवालों के घेरे में है।

    भव्य स्टेज, लाइट-साउंड और भोज के बीच कंपनी के बड़े अधिकारी और चुनिंदा अतिथि तो मौजूद रहे, लेकिन आसपास के गांवों के वे *ग्राम प्रधान, पंचायत के मुखिया और विस्थापित परिवार* ही गायब थे, जिनकी जमीन पर यूसीआईएल की खदानें और प्लांट खड़े हैं।

    इसे लेकर जादूगोड़ा, तिलैया, नारवापहाड़, भाटीन, केरूआडूंगरी सहित पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है।

    मुखिया श्री राम सोरेन ने उठाए यूसीआईएल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल

    पंचायत के मुखिया *श्री राम सोरेन* ने इस मामले को लेकर यूसीआईएल प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है।

    उन्होंने कहा – “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और विस्थापितों का अपमान है। पर्यावरण स्वीकृति से लेकर ग्राम सभा कराने और खदान को एनओसी दिलाने में ग्राम प्रधानों और मुखियाओं का सबसे बड़ा योगदान होता है। हमारे हस्ताक्षर और हमारे सहयोग के बिना एक भी पब्लिक हियरिंग सफल नहीं होती। हम गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर कंपनी के पक्ष में खड़ा करते हैं, तभी यूसीआईएल को विस्तार की अनुमति मिलती है। लेकिन जब 60 साल के जश्न की बारी आई तो जमीन देने वाले को ही भुला दिया गया।”

    उन्होंने कहा कि कंपनी को यह नहीं भूलना चाहिए कि उसकी सफलता के पीछे गांवों की कुर्बानी है।

    ग्राम प्रधानों की अनदेखी क्यों?

    ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कंपनी को किसी नई परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति चाहिए होती है, तो प्रबंधन गांव-गांव जाकर प्रधानों से सहयोग मांगता है।

    > *एक ग्राम प्रधान, जादूगोड़ा क्षेत्र ने कहा -* “जब कंपनी को विस्तार के लिए हमारा सहयोग चाहिए होता है तो गांव-गांव आकर अनुरोध किया जाता है, पब्लिक हियरिंग में हम सब कंपनी के पक्ष में खड़े रहते हैं। लेकिन उत्सव में हमें ही नहीं बुलाया गया, यह उचित नहीं है।”

    > *एक ग्रामीण प्रतिनिधि ने कहा -* “डायमंड जुबली जैसे ऐतिहासिक अवसर पर विस्थापित परिवारों और प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाना चाहिए था। यह कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।”

    2027 की जनसुनवाई से पहले प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती

    जानकारी के अनुसार वर्ष 2027 में यूसीआईएल से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं के लिए फिर से ग्राम सभा और पब्लिक हियरिंग की प्रक्रिया होनी है। ऐसे में इस समारोह से ग्रामीण प्रतिनिधियों की दूरी और उनमें उत्पन्न नाराजगी प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। अगर भरोसा टूटा तो आने वाली जनसुनवाई में कंपनी को भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

    बगलासाई-मेचुआ के यूरेनियम भंडार पर भी उठे सवाल

    समारोह के दौरान सीएमडी डॉ. कंचन आनंद राव द्वारा बगलासाई-मेचुआ क्षेत्र में यूरेनियम भंडार मिलने की बात कही गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संसाधन की पुष्टि पूर्व सीएमडी डॉ. एस.के. सत्पथी के कार्यकाल में ही हो चुकी थी। ऐसे में इसे नई उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleथैलेसीमिया जागरूकता के साथ स्वरोजगार के हुनर सिखाए
    Next Article जादूगोड़ा में यूसीआईएल का जहरीला धुआं बना मुसीबत, ग्रामीण आंदोलन की तैयारी

    Related Posts

    दुर्गापूजा से पहले अवैध शराब पर शिकंजा

    October 7, 2026

    एचआईवी के 95-95-95 लक्ष्य हासिल

    October 7, 2026

    आरकेएफएल में कर्मचारी हुए साइबर अपराध से जागरूक

    October 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    दुर्गापूजा से पहले अवैध शराब पर शिकंजा

    एचआईवी के 95-95-95 लक्ष्य हासिल

    आरकेएफएल में कर्मचारी हुए साइबर अपराध से जागरूक

    जादूगोड़ा में यूसीआईएल का जहरीला धुआं बना मुसीबत, ग्रामीण आंदोलन की तैयारी

    डायमंड जुबली में जमीन देने वाले ग्रामीण ही रहे उत्सव से बाहर!

    थैलेसीमिया जागरूकता के साथ स्वरोजगार के हुनर सिखाए

    उपायुक्त से समाधान की मांग, न्याय नहीं मिला तो कानूनी लड़ाई की चेतावनी

    गम्हरिया में निर्माण कार्य पर डीएसओ ने चस्पा किया नोटिस

    रजनी के 21वें और बादल के पहले जन्मदिन पर केक कटा

    जेपी की पुण्यतिथि पर सम्मेलन आज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.