जादूगोड़ा में साइबर अपराध का जाल गहराया, अब तक आठ गिरफ्तार, कई पर पुलिस की कड़ी नजर
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जमशेदपुर जादूगोड़ा:जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल के दिनों में यूसिल (UCIL) के कई कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। इनमें प्रमुख रूप से वैज्ञानिक आर.एल. पटनायक से ₹1.27 करोड़, खगेश्वर मालिक से ₹70,000 और नवीन प्रसाद से ₹20,000 की ठगी की गई है।

पुलिस ने साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए कोकदा गांव से अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हाल ही में गिरफ्तार तीन युवकों में केशव चंद्र भगत, कपिल देव भगत और गिरधारी भगत शामिल हैं। इससे पहले पांच अन्य युवकों — रोहित भगत, मंतोष भगत, निलय भगत, रितेश भगत और रणवीर भगत को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इन साइबर अपराधियों की अचानक बढ़ी हुई संपत्ति ने सबका ध्यान खींचा है। ये युवक अब महंगी गाड़ियों, कीमती मोबाइल और बड़ी दुकानों के मालिक बन चुके हैं। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध का मुख्य किंगपिन अभी भी गिरफ्त से बाहर है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह एक स्थानीय नेता का बेटा है, जिसके जामताड़ा समेत बाहरी राज्यों के साइबर अपराधियों से भी गहरे संबंध हैं।
सूत्रों के अनुसार, जादूगोड़ा के युवाओं को झूठे लालच में फंसाकर इस अपराध में धकेला जा रहा है। सिंगापुर तक इनकी गतिविधियों के तार जुड़े होने की आशंका है। पटना और गाजियाबाद साइबर थाना से भी कई युवाओं को नोटिस भेजे गए हैं।

मुसाबनी डीएसपी संदीप कुमार भगत ने बताया कि जादूगोड़ा क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए डीएसपी मुसाबनी, जादूगोड़ा थाना प्रभारी और कव्वाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा:”किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। कई को जेल भेजा जा चुका है और बाकी पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।”

जानकारी के मुताबिक, चाकुलिया के बेंद का एक युवक भी इस साइबर नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके अलावा कलिकापुर, धिरोल, कव्वाली और आसपास के कई गांवों में भी साइबर अपराधी सक्रिय हैं। हाल ही में पुलिस ने जादूगोड़ा के उत्तम भगत को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में महावीर भगत, मलय भगत और प्रीतीश भगत के नाम भी उजागर किए हैं।

