ब्रह्मर्षि विकास मंच में पदाधिकारियों की घोषणा पर विवाद, संस्थापक महासचिव ने बताया अनैतिक व अवैध
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर :ब्रह्मर्षि विकास मंच, जमशेदपुर के अध्यक्ष एवं महासचिव के नामों की हालिया घोषणा को लेकर तीखा विवाद सामने आया है। मंच के संस्थापक महासचिव राजकिशोर सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर इस घोषणा को पूर्णतः अनैतिक, अलोकतांत्रिक एवं अवैध बताया। उन्होंने कहा कि न तो कोई चुनाव हुआ और न ही पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई, बल्कि पूर्वनिर्धारित और मनमानी तरीके से मनोनयन किया गया है।
राजकिशोर सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष और पूर्व महासचिव ने अपने-अपने रिश्तेदारों का मनोनयन कर संगठन पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि समाज को केवल वोट बैंक तक सीमित रखने की मानसिकता के तहत यह पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे समाज के योग्य लोगों को कोई पद या राजनीतिक अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने यह भी कहा कि संभावित उम्मीदवारों को न तो किसी प्रकार की सूचना दी गई और न ही संचालन समिति ने उनसे मिलने की पहल की। रायशुमारी किससे और कैसे की गई, इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसे उन्होंने संस्थापक अध्यक्ष स्व के.के. सिंह, महासचिव राजकिशोर सिंह और पूरी कमेटी को बदनाम करने का कुंठित प्रयास बताया।
संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित सभी उम्मीदवारों ने समाज से अपील की कि ब्रह्मर्षि समाज को एकजुट एवं सशक्त बनाते हुए लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कर ऐसे अध्यक्ष एवं महासचिव का चयन किया जाए, जिनके पास समाज को सर्वश्रेष्ठ बनाने का स्पष्ट विजन हो।
संवाददाता सम्मेलन में पवन सिंह, सत्येंद्र सिंह, राजेश सिंह रविनंदन, मिथिलेश चौधरी, जय कुमार और विकास चंद्रा सहित सभी उम्मीदवार मौजूद थे।

