Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा इलेक्ट्रोल बांड की जानकारी चुनाव आयोग एवं सर्वोच्च न्यायालय को अविलंब उपलब्ध कराये :आनन्द बिहारी दुबे
    Breaking News Headlines जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड रांची राजनीति राष्ट्रीय

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा इलेक्ट्रोल बांड की जानकारी चुनाव आयोग एवं सर्वोच्च न्यायालय को अविलंब उपलब्ध कराये :आनन्द बिहारी दुबे

    News DeskBy News DeskMarch 7, 2024No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा इलेक्ट्रोल बांड की जानकारी चुनाव आयोग एवं सर्वोच्च न्यायालय को अविलंब उपलब्ध कराये :आनन्द बिहारी दुबे
    जमशेदपुर  : अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जमशेदपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य ब्रांच के समक्ष प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
    इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में भाजपा की चुनावी बांड योजना को असंवैधानिक मानते हुए उसपर रोक लगा दी है। अदालत ने राजनीतिक दलों को इस योजना के तहत प्राप्त दान का खुलासा करने का निर्देश दिया साथ ही भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चुनावी चंदे की पूरी जानकारी 6 मार्च 2024 से पहले सार्वजनिक करने और चुनाव आयोग को सौंपने का भी निर्देश दिया है। इस फैसले का देशभर में काले धन के खिलाफ निर्णायक कदम के तौर पर व्यापक स्वागत किया गया। चुनावी बांड योजना को प्राथमिक लाभार्थी होने के नाते सत्तारूढ भाजपा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। 2017 में चुनावी बांड योजना की शुरुआत के बाद से राजनीतिक दलों को सामूहिक रूप से अनुमानत:
      2,12,000 करोड रुपए से अधिक प्राप्त हुए। अकेले भाजपा को लगभग 86,566.11 करोड़ प्राप्त हुए। जो की कुल राशि का 55% है स्पष्ट रूप से भाजपा दानदाताओं के बारे में जानकारी सार्वजनिक होने के बाद चुनिंदा कॉर्पोरेट के साथ अपने संबंधों के संभावित जोखिम को लेकर चिंतित है। यह स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि मोदी सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक पर जानकारी साझा न करने का दबाव डाला है। एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक आवेदन दायर किया जिसमें विवरण साझा करने के लिए 30 जून 2024 तक विस्तार की मांग की गई। जैसा कि आप जानते हैं चुनावी बांड की विवरण साझा करने में देरी संदिग्ध है, क्योंकि देश के सबसे बड़े और पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत बैंक को चुनावी बांड के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए 5 महीने की
    आवश्यकता क्यों ? जबकी स्टेट बैंक पूरी तरह से कम्प्यूटर युक्त है और डाटा मात्र एक दिन में भी उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे यह पता चलता है कि एसबीआई का इस्तेमाल भाजपा की वित्तीय अनियमिताओं और कालेधन के स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा है। देश की जनता यह जान चुकी है कि किस तरह सरकारी एजेंसियों और संस्थानों पर दबाव डालकर सच्चाई को छुपाया जा रहा है।
    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा उपरोक्त विषय को लेकर राष्ट्रव्यापी स्तर पर एसबीआई के मुख्यालयों पर प्रदर्शन के माध्यम से मांग की जाती है कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया उपरोक्त विषय पर अपना निजी संज्ञान लेते हुए अभिलंब आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का कृपा करें।
    उपरोक्त मांग पत्र जिला उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया को जिला कांग्रेस कमिटी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के द्वारा प्रेषित किया गया।
    उपस्थित नेताओं में विशिष्ट अतिथि प्रदेश महामंत्री विजय खान, राकेश कुमार तिवारी, प्रदेश सचिव के के शुक्ला, रियाजुद्दीन खान, खगेनचन्द्र महतो, कार्यकारी अध्यक्ष नगर धर्मेन्द्र सोनकर, जिला उपाध्यक्ष ब्रजेन्द्र तिवारी, अवधेश सिंह, संजय सिंह आजाद, जितेन्द्र सिंह, अरूण कुमार सिंह, अमरजीत नाथ मिश्र, राजकिशोर यादव, महामंत्री राजेश चौधरी, बबलू झा,  इंदुभुषण यादव, अतुल गुप्ता,
    अधिवक्ता उमेश कुमार सिंह, पुनीता चौधरी,  नलिनी कुमारी, अमित दुबे, शमीम गद्दी, सचिन कुमार सिंह, सरोज पाण्डेय, रजनी चावला, शबाना परवीन, महामंत्री गुरदीप सिंह, दिबेश राज, बादशाह खान, रंजीत सिंह, प्रभात रंजन श्रीवास्तव, सतीश कुमार, राजा सिंह राजपूत, कुलदीप सिंह, सन्नी सिंह, उपेन्द्र नाथ वर्मा, अजय महतो, राजकिशोर प्रसाद, अमृत गुप्ता, कुमार गौरव, सरदार सुरेन्द्र सिंह, हरे कृष्णा लोहार, राकेश कुमार गुप्ता, मो सलीम, लक्की शर्मा, प्रशेनजीत सेन, मो नसीम, सीताराम चौधरी सहित कांग्रेसजन शामिल हुए।
    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा इलेक्ट्रोल बांड की जानकारी चुनाव आयोग एवं सर्वोच्च न्यायालय को अविलंब उपलब्ध कराये :आनन्द बिहारी दुबे
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleफ्लाई ओवर निर्माण के बाद शहर वासियों को मिलेगी जाम से मुक्ति: मंत्री बन्ना गुप्ता
    Next Article मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने जमशेदपुर के बालीगुमा में रखी मेधा डेयरी प्लांट की आधारशिला

    Related Posts

    मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन

    June 19, 2026

    कैलेंडर को प्रतीक मानना पंथिक मर्यादा नहीं : कुलबिंदर

    June 19, 2026

    मानगो जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योजनाओं को मिली स्वीकृति : मेयर सुधा गुप्ता

    June 19, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन

    कैलेंडर को प्रतीक मानना पंथिक मर्यादा नहीं : कुलबिंदर

    मानगो जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योजनाओं को मिली स्वीकृति : मेयर सुधा गुप्ता

    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी जमशेदपुर के बागबेड़ा से सटे रामनगर बस्ती के सैकड़ों परिवारों ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2016 में पंचायत के तत्कालीन मुखिया द्वारा प्रत्येक घर से 450 रुपये लेकर पानी कनेक्शन के लिए रसीद दी गई थी, लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो इलाके में पाइपलाइन बिछाई गई और न ही किसी घर तक जलापूर्ति की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी और निजी बोरिंग से पानी निकलना बंद हो गया है, जिसके कारण लोगों को 30 से 40 रुपये प्रति बोतल पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामनगर बस्ती के निचले हिस्से में जल्द पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।

    गंडा समाज ने अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

    राजनीति में दल-बदल: आंतरिक असंतोष से चुनौती

    भाटीन माइंस में ठेका कंपनी पर मजदूरों का आक्रोश 72 घंटे का अल्टीमेटम मांग पूरी नहीं हुई तो होगी हड़ताल

    महुलिया तक एनएच-33 सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि पूजन, संजय सेठ ने राज्य सरकार पर साधा निशाना- कांग्रेस की वैशाखी पर सरकार खड़ी है

    सरायकेला में बालू लदे ट्रैक्टर ने महिला को कुचला, मौत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.