आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम: 108 कलश यात्रा के साथ चूड़ा प्रतिष्ठा भव्य रूप से संपन्न।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बहरागोड़ा प्रखंड स्थित बजरंगबली मंदिर में आयोजित चूड़ा प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस पावन आयोजन की शुरुआत देव नदी से 108 कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भाग लिया।
सुबह से ही देव नदी तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के पश्चात पवित्र जल से भरे 108 कलशों को सजाया गया। इसके बाद महिला श्रद्धालुओं ने पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा की अगुवाई की।
कलश यात्रा जैसे ही देव नदी से मंदिर की ओर बढ़ी, पूरा मार्ग भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज उठा। जय श्री राम और बजरंगबली की जय के उद्घोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया।
यात्रा में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे भी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन सामाजिक एकता और धार्मिक समरसता का प्रतीक बन गया। सुरक्षा एवं व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय कमेटी और ग्रामीणों ने मिलकर पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखा।
मंदिर परिसर पहुंचने के बाद वैदिक पंडितों के मार्गदर्शन में विधि-विधान से पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई। हवन, मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठानों के साथ बजरंगबली की प्रतिमा पर चूड़ा प्रतिष्ठा का पवित्र कार्य संपन्न कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस आयोजन में कमिटी के अध्यक्ष राम नाथ सिंह, राजा भोल, कृष्णा दे, गोपाल चंद्र दे, राजेश बेरा, गुरु प्रसाद दास,रवि शंकर महापात्र,भोलानाथ साधु, कविता साधु, तारक नाथ भुई,तारक नाथ घाटुयारी, कमल कांत सिंह, प्रबीर जाना, रासु भुईयां, जयंत राणा,जयदेव दास सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

