लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र की दौलतपुर पंचायत के चलकी में जलजमाव की समस्या गंभीर हो गयी है. पुलिया जाम रहने और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण खेतों से लेकर रिहायशी मोहल्लों तक पानी जमा है, इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है. वहीं जलजमाव के कारण नौ अक्टूबर को ईंट-खपरैल की दीवार और झोपड़ीनुमा घर गिर गये. हालांकि घर में सो रहे सभी लोग बाल-बाल बच गये.
मिली जानकारी के अनुसार चलकी वार्ड आठ निवासी स्वर्गीय फगुनी यादव के पुत्र गुलटेन यादव का ईंट-खपरैल का घर बारिश के दौरान गिर गया. घर की दीवार और जलावन रखने के लिए बनी झोपड़ीनुमा संरचना भी धराशायी हो गयी. अचानक हुई इस घटना में घर के अंदर सो रहे लोगों की जान बाल-बाल बची. वहीं पूर्व मुखिया बाबू प्रसाद यादव के धान को भी बारिश और जलजमाव से नुकसान पहुंचा है.
चलकी में जलजमाव और स्थानीय लोगों की समस्याएँ
ग्रामीणों के मुताबिक खुशीलाल महतो के घर के नजदीक स्थित पुलिया बंद रहने से बारिश का पानी खेतों में जमा हो रहा है. साहू मार्केट चलकी चौक के समीप भी पुलिया जाम रहने के कारण पानी की निकासी बाधित है. इसके चलते पूरा मोहल्ला जलजमाव की चपेट में है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी की व्यवस्था की जाती, तो नुकसान को कम किया जा सकता था.
मोहल्ले में रहने वाली स्वर्गीय बतहु यादव की 75 वर्षीय पत्नी सुदामा देवी लकवाग्रस्त हैं और बिछावन से उठने में असमर्थ हैं. उनके आंगन में भी बारिश का पानी जमा है, जिससे परिवार को काफी परेशानी हो रही है.
पक्की नाली निर्माण की उठी मांग
ग्रामीणों ने दौलतपुर पेट्रोल पंप चौक से छौड़ाही जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे महेंद्र महतो के घर के समीप से महेश्वर दास के घर तक पक्की नाली निर्माण कराने की मांग की है. बिहार शासन से इस संबंध में उचित कदम उठाने की अपेक्षा है.
चलकी चौक से नारायणपुर एवं तेतराही जाने वाली मुख्य सड़क का कालीकरण वाला हिस्सा कई जगह टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया है. इससे स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है. वहीं ग्रामीण सड़क पर गांगो यादव और परमेश्वरी यादव के घर के समीप पीसीसी सड़क का सतह नीचे रहने के कारण सालोंभर पानी जमा रहता है, इससे लोगों को पैदल चलने में भी कठिनाई होती है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि जलजमाव और सड़क की समस्या को लेकर जन-प्रतिनिधियों से शिकायत की गयी, लेकिन अब तक समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है.

