लेखक: ललित गर्गकिसी भी सभ्यता की वास्तविक पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चमकती सड़कों, आर्थिक प्रगति या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं…
Browsing: संपादकीय
लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”सपनों की उम्र जब नीट के पेपर लीक, अधूरी भर्तियों और बेरोजगारी में उलझे, तब गुस्सा…
लेखक: देवानंद सिंहदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह भारतीय…
लेखक: इंद्र यादव’हम यादों के सहारे जी सकते हैं, लेकिन यादें लौट के नहीं आतीं।’ यह महज एक फिल्मी संवाद…
लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”’मेलोडी डिप्लोमेसी’ का उदयरोम की ऐतिहासिक प्राचीरों के साए में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली…
लेखक: देवानंद सिंहदेश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता…
लेखक: देवानंद सिंह*त्वरित टिप्पणी*राजनीतिक मर्यादा का गिरता स्तर चिंताजनकमर्यादा ही लोकतांत्रिक संस्कृति की पहचान होती हैदेश इस समय महंगाई, बेरोजगारी,…
लेखक: ललित गर्ग वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर…
लेखक: देवानंद सिंहदेश में आरक्षण व्यवस्था हमेशा से सामाजिक न्याय, समान अवसर और ऐतिहासिक विषमताओं को दूर करने का माध्यम…
लेखक: महेन्द्र तिवारीबढ़ाता है। नींद प्रभावित होती है और कार्यक्षमता कम हो जाती है। मजदूर वर्ग और गरीब परिवारों पर…
