Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मसालों की शुद्धता पर उठते सवाल: FSSAI की रिपोर्ट से खुला मिलावट का राज
    Breaking News Business Headlines कारोबार मेहमान का पन्ना राष्ट्रीय संपादकीय

    मसालों की शुद्धता पर उठते सवाल: FSSAI की रिपोर्ट से खुला मिलावट का राज

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 4, 2026No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    मसालों की शुद्धता
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: महेन्द्र तिवारी

    हाल ही में मसालों की शुद्धता को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसने हर जागरूक उपभोक्ता को गहरी चिंता में डाल दिया है। मई से जुलाई के बीच देशव्यापी जांच में पता चला कि बाजार में बिकने वाले मसालों का एक बड़ा हिस्सा गुणवत्ता और सुरक्षा के बुनियादी मानकों पर विफल रहा है।

    मसालों की शुद्धता पर FSSAI की चौंकाने वाली रिपोर्ट

    भारतीय रसोई की पहचान और हमारी भोजन संस्कृति का मुख्य आधार हमेशा से हमारे पारंपरिक मसाले रहे हैं। इन मसालों के बिना किसी भी भारतीय व्यंजन की कल्पना करना भी असंभव लगता है। हमारी सदियों पुरानी आयुर्वेद परंपरा में भी हल्दी, धनिया, जीरा, लौंग, इलायची और लाल मिर्च जैसे मसालों को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। ये मसाले केवल भोजन में स्वाद, रंग और मनमोहक सुगंध ही नहीं लाते बल्कि हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करने और बीमारियों से लड़ने की ताकत देने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। लेकिन हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की ओर से जो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है उसने हर आम नागरिक और जागरूक उपभोक्ता को गहरी चिंता में डाल दिया है। मई से जुलाई के बीच देश भर में की गई एक व्यापक जांच में यह बात सामने आई है कि बाजार में बिकने वाले मसालों का एक बड़ा हिस्सा गुणवत्ता और सुरक्षा के बुनियादी मानकों पर पूरी तरह विफल हो गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार कुल चार हजार चौवन मसालों के नमूने जांचे गए थे जिनमें से चार सौ चौहत्तर नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। आसान शब्दों में कहा जाए तो बाजार में मौजूद लगभग हर आठवां मसालों का पैकेट किसी न किसी रूप में हमारे स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित है। यह आंकड़ा कोई छोटी बात नहीं है क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की एक बड़ी आबादी की सेहत से जुड़ा हुआ है।

    खतरनाक कीटनाशक और बैक्टीरिया की मौजूदगी

    इन मसालों की जांच कई महत्वपूर्ण पैमानों पर की गई थी जिनमें नमी की मात्रा, कीड़े या कीटों के अवशेष, एफ्लाटॉक्सिन, कीटनाशकों के अवशेष, रसायनिक दूषित पदार्थ और खतरनाक बैक्टीरिया का संदूषण शामिल था। जांच में जो सबसे डराने वाली बात सामने आई वह यह है कि मसालों में कार्बेंडाजिम और प्रोपरगाइट जैसे खतरनाक कीटनाशकों के अंश पाए गए हैं। इन रसायनों का सीधा प्रभाव इंसान की किडनी, लीवर और प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है। इतना ही नहीं कई नमूनों में ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया भी मिले हैं जिन्हें लंबे समय तक शरीर में जाने पर गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है। मसालों के पैकेट के अंदर कीड़े और अन्य भौतिक अशुद्धियों का मिलना यह दर्शाता है कि मसालों की पिसाई और पैकेजिंग के समय साफ सफाई का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसी बीच एथिलीन ऑक्साइड नामक रसायन का मुद्दा भी काफी चर्चा में रहा जब विदेशी बाजारों ने कुछ प्रमुख भारतीय ब्रांड्स के मसालों पर रोक लगा दी थी। हालांकि भारत में हुई जांच में कुछ सीमित नमूनों में यह रसायन नहीं मिला लेकिन वैश्विक स्तर पर इस रसायन को लेकर जो सतर्कता बरती जा रही है वह हमें भी सोचने पर मजबूर करती है। अधिक जानकारी के लिए आप FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

    नियामक संस्थाओं की सख्त कार्रवाई

    इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नियामक संस्थाओं ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। FSSAI ने पूरे देश में कार्रवाई करते हुए एक सौ ग्यारह से अधिक मसाला कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और उनके उत्पादन तथा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके अलावा कई राज्यों में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने भी बड़े स्तर पर अभियान चलाए हैं। कई नामी कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं और सख्त मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। कुछ मामलों में दोषियों को छह महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान भी किया गया है जो यह स्पष्ट करता है कि सरकार और संबंधित विभाग इस मिलावटखोरी को लेकर कितने सख्त हैं।

    उपभोक्ता जागरूकता ही असली समाधान

    यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक या दो कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारी पूरी सप्लाई चेन की भारी खामियों को उजागर करता है। कच्चे माल की खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण, भंडारण और लेबलिंग तक हर स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण की कमी दिखाई देती है। ऐसे में एक जागरूक उपभोक्ता के रूप में हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। हमें मसाले खरीदते समय केवल आकर्षक विज्ञापनों पर भरोसा नहीं करना चाहिए बल्कि पैकेट पर दी गई जानकारी जैसे बैच नंबर, निर्माण की तारीख और FSSAI लाइसेंस नंबर को ध्यान से पढ़ना चाहिए। हमेशा विश्वसनीय और प्रमाणित दुकानों से ही मसालों की खरीदारी करनी चाहिए। जब तक उपभोक्ता खुद जागरूक नहीं होंगे और अपने अधिकारों के प्रति सतर्क नहीं रहेंगे तब तक बाजार में मुनाफाखोरी के लिए हो रही ऐसी मिलावट पर पूरी तरह से लगाम लगाना संभव नहीं होगा। हमारी सेहत हमारे अपने हाथ में है और सही व सुरक्षित उत्पादों का चुनाव ही हमें तथा हमारे परिवार को इस छिपे हुए खतरे से पूरी तरह बचा सकता है।

    FSSAI रिपोर्ट उपभोक्ता जागरूकता खाद्य सुरक्षा मसाला मिलावट स्वास्थ्य जोखिम
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleFSSAI रिपोर्ट: मसालों में मिलावट का चौंकाने वाला खुलासा, 454 नमूने फेल
    Next Article विपक्ष के हंगामे से बाधित हुई विधानसभा कार्यवाही, संवाद और समाधान की जरूरत

    Related Posts

    आज जरूरत बुनकरों की आय बढ़ाने की हैःराज्यपाल 13वें हस्तकरघा दिवस पर

    August 7, 2026

    सांसद विद्युत वरण महतो ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदानों को पूर्ण क्षमता से चलाने की मांग की

    August 7, 2026

    सांसद विद्युत वरण महतो ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदानों को पूर्ण क्षमता से चलाने की मांग की

    August 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    आज जरूरत बुनकरों की आय बढ़ाने की हैःराज्यपाल 13वें हस्तकरघा दिवस पर

    सांसद विद्युत वरण महतो ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदानों को पूर्ण क्षमता से चलाने की मांग की

    सांसद विद्युत वरण महतो ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदानों को पूर्ण क्षमता से चलाने की मांग की

    झारखंड: भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    फाइब की प्रबंधित परिसंपत्तियां 63.31 प्रतिशत बढ़कर 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंचीं

    गौतमबुद्ध नगर में 24 घंटे में साइबर ठगी के 30 मामले दर्ज, लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी

    विश्व कप में 28 साल बाद कोई भारतीय अंपायर नहीं, दिग्गजों ने कहा सुधार की जरूरत

    पर्सनैलिटी राइट्स मामले में तब्बू को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने अपमानजनक और अश्लील कंटेंट हटाने का दिया आदेश

    Gen-Z प्रोटेस्ट पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- उनकी शिकायत जायज, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत

    राज्यसभा में नीरज डांगी को बड़ी जिम्मेदारी, राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में बढ़ा कद संगठन में बदले समीकरण

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.