लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची: 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बुधवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेडिंग पार कर आयोग के मुख्य द्वार तक पहुंचकर नारेबाजी की और परीक्षा रद्द कर CBI जांच की मांग की।
जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप
भाजपा विधायक सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि परीक्षा एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से कराई गई और मामले की निष्पक्ष जांच केवल CBI ही कर सकती है।
भाजपा नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित, विरोध जारी
दूसरी ओर, JPSC ने 25 जुलाई से मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है, जबकि पीटी परीक्षा के परिणामों को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाएं लंबे समय से विवादों में रही हैं। पूर्व में भी कई परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं।
छात्र संगठनों का कहना है कि पीटी परीक्षा के परिणाम में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की मांग की है।
वहीं, आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने CBI जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि आयोग अपने स्तर पर जांच कर रहा है।
इस बीच, भाजयुमो ने चेतावनी दी है कि अगर परीक्षा रद्द नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने राजभवन मार्च की भी घोषणा की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है। भाजपा इसे युवाओं के भविष्य से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।
छात्र नेता अमित कुमार ने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की भी चेतावनी दी है।
राज्य सरकार ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार सरकार उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर विचार कर रही है।
अधिक जानकारी के लिए JPSC आधिकारिक वेबसाइट देखें।

