लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
JPSC की 14वीं परीक्षा: रघुवर दास ने की रद्द करने और CBI जांच की मांग
जमशेदपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने JPSC की 14वीं परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार से परीक्षा रद्द कर CBI जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं, जिससे छात्रों का भरोसा टूट रहा है।
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि जिस परीक्षा एजेंसी को पहले ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसे दोबारा परीक्षा की जिम्मेदारी देना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से तत्काल वार्ता कर सम्मानजनक समाधान निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं, जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है। साथ ही 2024 की उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को न्याय और मुआवजा देने की भी मांग की।
अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए रघुवर दास ने दावा किया कि वर्ष 2014-19 के दौरान 1.33 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता से हुईं और किसी भी भर्ती परीक्षा पर पेपर लीक या अनियमितता का आरोप नहीं लगा।
उपचुनावों पर उन्होंने कहा कि इनके परिणाम स्थानीय मुद्दों पर आधारित होते हैं और राष्ट्रीय राजनीति पर इनका विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। वहीं, जमशेदपुर फुटबॉल क्लब के मुद्दे पर उन्होंने टाटा स्टील से बातचीत कर समाधान निकालने की पहल करने की बात कही।
झारखंड के छात्रों के समर्थन में रघुवर दास का मुख्यमंत्री को खुला पत्र, CBI जांच और वार्ता की मांग
जमशेदपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम खुला पत्र लिखते हुए छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पत्र राजनीति नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और उनकी पीड़ा को ध्यान में रखकर लिखा गया है।
रघुवर दास ने कहा कि पिछले कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लग रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने इन मामलों की CID के बजाय CBI से निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा भविष्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से शीघ्र वार्ता कर सम्मानजनक समाधान निकालने का आग्रह किया। रघुवर दास ने कहा कि यदि सरकार समय रहते छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से राजनीति से ऊपर उठकर झारखंड के युवाओं के हित में निर्णय लेने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की।
अधिक जानकारी के लिए JPSC आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

