तुरामडीह में विस्फोटक परिवहन को लेकर सवाल, वाहन अभिलेखों और सुरक्षा प्रक्रिया की जांच की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर/जादूगोड़ा/तुरामडीह। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की तुरामडीह माइंस से जुड़े एक वाहन के कथित रूप से विस्फोटक सामग्री के परिवहन में इस्तेमाल को लेकर भाजपा नेता सतीश सिंह ने जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित वाहन के अभिलेखों, विस्फोटक परिवहन की अनुमति तथा मैगजीन से सामग्री जारी करने की प्रक्रिया की उच्चस्तरीय और दस्तावेज-आधारित जांच कराने की मांग की है।
सतीश सिंह के अनुसार, वाहन संख्या जेएच05एएफ4450 से संबंधित उपलब्ध ऑनलाइन अभिलेख में पंजीकरण की तारीख 10 दिसंबर 2010, वाहन श्रेणी गुड्स कैरियर और फिटनेस की वैधता 9 अगस्त 2020 तक दिखाई देती है। इसी रिकॉर्ड में कर की वैधता 9 दिसंबर 2021 तक तथा वाहन की स्थिति ‘आरसी रद्द’ प्रदर्शित होने का दावा किया गया है। हालांकि इन विवरणों की संबंधित सरकारी अभिलेखों से आधिकारिक पुष्टि किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि कथित परिवहन की तारीख को वाहन का पंजीकरण अथवा फिटनेस वैध नहीं था, तो यह पता लगाया जाना चाहिए कि वाहन का उपयोग किस आधार पर किया गया और आवश्यक अनुमति किस स्तर पर प्रदान की गई। साथ ही यह भी सत्यापित किया जाए कि वाहन के पास विस्फोटक सामग्री के परिवहन के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस और अनुमतियां थीं या नहीं।
खान प्रबंधन और मैगजीन क्लर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में हो
सतीश सिंह ने कहा कि जांच में खान प्रबंधक मनोज कुमार मिश्रा, मैगजीन क्लर्क तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका को भी तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्धारित किया जाए कि विस्फोटक किस मांग-पत्र पर जारी किए गए, उसे किस अधिकारी ने स्वीकृत किया, वाहन के दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर हुआ और सामग्री के प्रेषण की अनुमति किसने दी।
उन्होंने किसी अधिकारी को जांच से पहले दोषी नहीं ठहराए जाने की बात कहते हुए कहा कि जिम्मेदारी केवल जांच में सामने आने वाले प्रमाण और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर तय की जानी चाहिए।
उन्होंने मैगजीन रजिस्टर, आरई-6 अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, मांग-पत्र, प्रेषण चालान, गेट पास, वाहन लॉगबुक और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का मिलान कराने की मांग की है। साथ ही चालक की अनुमति और वाहन से संबंधित सुरक्षा अभिलेखों की भी जांच की मांग की गई है।
सतीश सिंह का कहना है कि विस्फोटक सामग्री के परिवहन से जुड़े मामले में कर्मचारियों के साथ आसपास की आबादी और सार्वजनिक मार्गों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। इसलिए मैगजीन से लेकर परिवहन और गंतव्य तक पूरी प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर मामले की जानकारी खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) और परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) को भी देने की बात कही।
राष्ट्र संवाद के प्रमुख सवाल
• संबंधित तारीख को वाहन का पंजीकरण और फिटनेस वैध था या नहीं?
• ‘आरसी रद्द’ दर्ज होने की तारीख और आधिकारिक कारण क्या है?
• क्या वाहन के पास विस्फोटक परिवहन की आवश्यक वैध अनुमति थी?
• मैगजीन से सामग्री जारी करते समय वाहन और चालक के दस्तावेजों का सत्यापन किसने किया?
• आरई-6, मैगजीन रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और गेट पास में क्या विवरण दर्ज हैं?
• वाहन के प्रेषण और परिवहन की अनुमति किस स्तर पर दी गई?
• खान प्रबंधन, मैगजीन क्लर्क और अन्य संबंधित अधिकारियों की निर्धारित जिम्मेदारियां क्या थीं?
• क्या लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन हुआ?
• जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर क्या आवश्यक कार्रवाई की जाएगी?

