राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन भुगतान मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए निगम प्रशासन और राज्य सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रमथ पटनायक की अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश दिया कि रांची नगर निगम के उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन अंतिम प्राप्त वेतन (लास्ट पे ड्रॉन) के आधार पर निर्धारित की जाए, जिन्होंने 30 वर्षों से अधिक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्ति ली है। अदालत ने कहा कि झारखंड नगर निगम अधिनियम एवं झारखंड म्युनिसिपल सर्विस कैडर नियमावली 2014 के तहत पेंशन और एरियर की राशि छह माह के भीतर जारी की जाए। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया था कि वर्ष 1986 की पटना नगर निगम पेंशन नियमावली को रांची नगर निगम ने 1987 में अपनाया था, लेकिन उसके बावजूद उन्हें राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह संशोधित पेंशन का लाभ नहीं दिया गया। मामले में राज्य सरकार और नगर निगम ने वित्तीय संकट और नियमावली प्रक्रिया का हवाला दिया, जबकि निगम ने करोड़ों रुपये के घाटे की बात भी अदालत में रखी। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि सेवानिवृत्त कर्मियों को वैधानिक पेंशन लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता और उनके अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है।

