देवानंद सिंह 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए विस्फोट में 6 लोगों की जान गई और 100 से अधिक घायल हुए। आरंभ में यह घटना एक सामान्य आतंकवादी हमले के तौर पर देखी गई, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह मामला एक राजनीतिक विस्फोट में बदल गया। हिंदुत्व से जुड़े कुछ लोगों को आरोपी बनाया गया और पहली बार ‘हिंदू आतंकवाद’ या ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्द भारतीय राजनीति और मीडिया के विमर्श में केंद्र में आ गए, लेकिन 25 जुलाई 2025 को विशेष एनआईए अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया,…
Author: News Desk
ललित गर्ग जब किसी वैश्विक ताक़त के शिखर पर बैठा नेता ‘व्यापार’ को भी ‘सौदेबाज़ी’ और ‘दबाव नीति’ का औज़ार बना ले, तब यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के आधारभूत सिद्धांतों को भी चुनौती देता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाकर ऐसा ही एक आर्थिक आघात पहुँचाया है। इस टैरिफ का लक्ष्य स्पष्ट है, भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को बाधित करना और अमेरिकी वर्चस्व की पुनः स्थापना करना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य एवं भारत की उभरती अर्थव्यवस्था में…
“स्क्रीन का शिकंजा: ऑस्ट्रेलिया से सबक लेता भारत?” ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यूट्यूब समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाने का साहसिक फैसला लिया है। यह कदम बच्चों को ऑनलाइन दुनिया के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उठाया गया है। भारत जैसे देशों में, जहां डिजिटल लत तेजी से फैल रही है, वहां इस तरह की नीति बेहद जरूरी हो गई है। यह समय है कि भारत भी बच्चों के डिजिटल अधिकारों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानून बनाए, अभिभावकों को जागरूक करे और बच्चों को स्क्रीन की लत से मुक्त…
प्रसंगःऑपरेशन सिंदूर पर बहस आनंद सिंह सोशल मीडिया पर इन दिनों दो-तीन आक्रामक शब्द खूब लिखे जा रहे हैं। ये हैः धो दिया। गर्दा उड़ा दिया। परखच्चे उड़ा दिये। इसी तरह के बड़े जुझारू शब्द लिखे जा रहे हैं। प्रसंग है संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस। ये सारे जुझारू टाइप के शब्द प्रधानमंत्री मोदी के जवाब के बाद सोशल मीडिया पर अवतरित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के टारगेट पर सदैव से कांग्रेस रही है। इस बार भी कांग्रेस ही रही। प्रियंका गांधी ने ठीक ही कहा कि अरे आपको तो एक बहाना चाहिए नेहरू खानदान का नाम गिनाने का!…
विशेष संपादकीय: -भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव बेनकाब क्या मालेगांव फैसले के बाद कांग्रेस साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से माफी मांगेगी? *देवानंद सिंह* मालेगांव ब्लास्ट मामले में आए अदालत के फैसले ने एक बार फिर पुराने जख्मों को हरा कर दिया है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने जिस अमानवीय यातना को झेला, उसकी यादें आज भी राजनीति और न्याय प्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत का फैसला भारतीय राजनीति के एक लंबे और विवादित अध्याय का अंत है। सभी आरोपियों के बरी होने से यह स्पष्ट हो गया कि वर्षों तक ‘भगवा आतंकवाद’ का जो नैरेटिव रचा…
भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव बेनकाब -अरूण सिंह राष्ट्र संवाद संवाददाता विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री अरूण सिंह ने मालेगांव ब्लास्ट मामले का फैसला का स्वागत करते हुए कहा कि मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत का फैसला भारतीय राजनीति के एक लंबे और विवादित अध्याय का अंत है। सभी आरोपियों के बरी होने से यह स्पष्ट हो गया कि वर्षों तक ‘भगवा आतंकवाद’ का जो नैरेटिव रचा गया, वह ठोस सबूतों पर नहीं बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए गढ़ी गई कहानी थी। यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील रहा। साध्वी…
त्वरित टिप्पणी:भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव बेनकाब देवानंद सिंह मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत का फैसला भारतीय राजनीति के एक लंबे और विवादित अध्याय का अंत है। सभी आरोपियों के बरी होने से यह स्पष्ट हो गया कि वर्षों तक ‘भगवा आतंकवाद’ का जो नैरेटिव रचा गया, वह ठोस सबूतों पर नहीं बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए गढ़ी गई कहानी थी। यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील रहा। आरोपियों ने डेढ़ दशक तक अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए संघर्ष किया, जबकि उन्हें मीडिया ट्रायल और राजनीतिक बयानबाजी ने पहले ही…
डा सुधा नन्द झा ज्यौतिषी जमशेदपुर झारखंड द्वारा प्रस्तुत राशिफल क्या कहते हैं आपके सितारे देखिए अपना राशिफल 🙏👏हर हर महादेव 🙏🏻 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः। श्रृंगार और भक्ति के अद्भुत संगम पवित्र श्रावण मास में आपका स्वागत 🙏👏🙏🕉️🌺🙏🕉️🌺🙏🕉️🌺🙏🕉️🌺 दैनिक पंचांग एवं राशिफल..३१::०७::२०२५ वृहस्पतिवार सप्तमी तिथि संत तुलसीदास जयंती 🙏 🕉️ *ॐ नमः शिवाय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे* 🚩 🌺 *((डा सुधा नन्द झा ज्यौतिषी मिथिला मनोकामना ज्यौतिष केन्द्र जमशेदपुर झारखंड मूल गांव राढ़ी दरभंगा मिथिला मो एवं वाट्सअप नंबर ९४३०३३६५०३(9430336503) दिन में एग्यारह बजे से रात्रि नौ बजे तक सम्पर्क कर…
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद की बहस लोकतांत्रिक विमर्श की परिपक्वता का परिचायक देवानंद सिंह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ बहसें ऐसी होती हैं, जो संसद की गरिमा, जिम्मेदारी और राजनीतिक परिपक्वता को नए स्तर पर ले जाती हैं। इस बार संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई बहस को भी इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। यह बहस न केवल लंबे समय बाद संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच स्वस्थ, सार्थक और तर्कसंगत संवाद का उदाहरण बनी, बल्कि इसने भारत की आतंकवाद-रोधी रणनीति, विदेश नीति और लोकतंत्र में पारदर्शिता की आवश्यकता को लेकर कई भ्रमों को भी स्पष्ट…
उधम सिंह सरदार: एक गोली, सौ सालों की गूंज उधम सिंह: लंदन की अदालत में भारत की गरिमा का नाम उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार का प्रत्यक्षदर्शी यह वीर 21 वर्षों तक चुपचाप अपने मिशन की तैयारी करता रहा और लंदन जाकर ओ’डायर को गोली मारकर भारत का प्रतिशोध पूरा किया। उनकी चुप्पी न्याय की गर्जना थी, जो आज भी हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है। आज उनकी याद केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आत्ममंथन की पुकार है—क्या हम उधम सिंह के…
