देवानंद सिंह झारखंड की धरती आज शोकाकुल है। दिशोम गुरू शिबू सोरेन का जाना केवल एक नेता का निधन नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। वे सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि झारखंड की आत्मा, आदिवासी अस्मिता के प्रहरी और जनसंघर्षों के सबसे बड़े योद्धा थे। नेमरा गांव के साधारण परिवार में जन्मे शिबू सोरेन ने अपनी जिंदगी का हर पल अपने लोगों के हक, जमीन, जंगल और जल की लड़ाई में समर्पित कर दिया। जब आदिवासियों की आवाज कोई सुनने को तैयार नहीं था, तब शिबू सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन कर आंदोलन की मशाल…
Author: News Desk
आनंद सिंह जीवन में दो सत्य हैं। तीसरा कुछ भी नहीं। प्रथम सत्य है जीवन। अंतिम सत्य है मृत्यु। मृत्यु को आप जिस नाम से भी पुकारें, चलेगा। आप उसे प्रयाण कहें, महाप्रयाण कहें, अलविदा कहें, जीवन का अंत कहें, जो मन में आए कहें। प्रथम और अंतिम सत्य होकर ही रहता है। जिसका जन्म हुआ है, उसका मरण तो तय ही है। इसमें कुछ लोग ऐसे होते हैं जो किसी भी सीमा में नहीं बंधते। वह सीमाओं से परे होते हैं। वह लालसाओं, लिप्साओं, अहम और नश्वर दुनिया से सर्वथा पृथक और भिन्न होते हैं। कई नेता सार्वकालिक, सार्वदेशिक…
जल-जंगल-जमीन का सबसे बड़ा लड़ाका राष्ट्र संवाद नेटवर्क शिबू सोरेन अलग झारखंड राज्य के लिए लड़ी गई लड़ाई के सबसे बड़े लड़ाका ही नहीं थे वरन वह बहुत बड़े समाज सुधारक भी थे। उन्होंने महाजनी प्रथा को खत्म करने के लिए जो लड़ाई छेड़ी, आज उसी का नतीजा है कि चीजें ट्रैक पर आ गई हैं। यह सही है कि महाजन आज भी झारखंड में हैं लेकिन वह उन क्रूर गुणों से भरपूर महाजन नहीं हैं, जिनका मुकाबला दिशोम गुरुजी ने किया था। इसलिए, आज जब गुरुजी को याद किया जा रहा है तो हमें उन्हें संपूर्ण परिप्रेक्ष्य में याद…
सोना देवी विश्वविद्यालय में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर शोक सभा राष्ट्र संवाद संवाददाता घाटशिला। सोना देवी विश्वविद्यालय में आज दिवंगत दिशोम गुरु एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना एवं शोक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि गुरुजी के निधन से प्रदेश और देश की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को यह दुख सहने की शक्ति और राज्यवासियों को उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिले। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. गुलाब सिंह…
समाजसेवी विकास सिंह ने दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन पर जताया गहरा शोक राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर:ब्रह्मर्षि विकास मंच के अध्यक्ष, रेड क्रॉस सोसाइटी के पैट्रन, दर्जनों सामाजिक संस्थाओं के संस्थापक और प्रसिद्ध समाजसेवी सह केके बिल्डर के निदेशक विकास सिंह ने झारखंड आंदोलन के जननायक और झामुमो के संस्थापक दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ उनके पिताजी और मंच के अध्यक्ष कौशल किशोर सिंह का व्यक्तिगत संबंध रहा था। शिबू सोरेन कई बार उनके निवास स्थान पर परामर्श और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के लिए आते-जाते…
दिशोम गुरू शिबू सोरेन का निधन, झारखंड में शोक की लहर राष्ट्र संवाद संवाददाता रांचीः झारखंड अलग राज्य आंदोलन के जननायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक दिशोम गुरू शिबू सोरेन का निधन हो गया। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उन्होंने आज सुबह 8:56 बजे अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे शिबू सोरेन का इलाज किडनी इंफेक्शन और ब्रोंकाइटिस के चलते चल रहा था। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एके भल्ला ने बताया, “यह बताते हुए दुख हो रहा है कि शिबू सोरेन जी को लंबी बीमारी के बाद आज सुबह मृत…
नमस्कार आपका *राष्ट्र आपका *संवाद राष्ट्र संवाद पञिका राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में बेमिसाल 25 साल राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 04अगस्त दिन सोमवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com ********* Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ********* NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP JHAHIN2000/1039 राष्ट्रसंवाद दैनिक:- JHAHIN01092 राष्ट्र संवाद नजरिया : जिया हहरवल ये ‘ हरि जी ‘ अपने परलोकवा गईल ए राम…. राष्ट्र संवाद परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि “एक बार विधायक, उम्रभर ऐश!” “5 साल की कुर्सी बनाम 60 साल की नौकरी: पेंशन का पक्षपात” “अमीर-गरीब की…
अमन शांडिल्य देश में धन का असमान वितरण कोई नया मुद्दा नहीं है, लेकिन जब केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री नितिन गडकरी जैसे नेता इस असमानता पर खुलकर बोलते हैं, तो यह सत्ता के शीर्ष से आई चेतावनी मानी जानी चाहिए। गडकरी ने कहा कि “अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होते जा रहे हैं,” यह बयान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक असंतुलन का गंभीर संकेत है। देश की संपत्ति कुछ गिने-चुने हाथों में केंद्रित होती जा रही है, जबकि गरीबों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यह स्थिति न केवल आर्थिक विकास की गति को प्रभावित करेगी बल्कि…
“5 साल की कुर्सी बनाम 60 साल की नौकरी: पेंशन का पक्षपात” एक कर्मचारी 60 साल काम करने के बाद भी पेंशन के लिए तरसता है, जबकि एक नेता 5 साल सत्ता में रहकर जीवनभर पेंशन पाता है। यह लोकतांत्रिक समानता के मूल्यों का मज़ाक है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई गई है। अब वक्त है कि आम नागरिक, कर्मचारी और युवा इस मांग को साझा करें — या तो सभी को बराबरी से पेंशन मिले, या नेताओं की यह सुविधा खत्म हो। – डॉ सत्यवान सौरभ “एक आदमी 60 साल काम करके…
देवानंद सिंह 2019 में टेक्सस के ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए अबकी बार ट्रंप सरकार का नारा दिया था, तो उस क्षण को भारत-अमेरिका संबंधों की नई ऊंचाई के प्रतीक के रूप में देखा गया। उसके अगले ही वर्ष अहमदाबाद के ‘नमस्ते ट्रंप’ समारोह ने इस धारणा को और भी पुष्ट कर दिया कि दोनों देशों के बीच परस्पर भरोसे और गर्मजोशी का एक नया युग आरंभ हो चुका है। परंतु 2024 के सत्ता संतुलन में एक दिलचस्प मोड़ आया, मोदी और ट्रंप दोनों ही फिर से सत्ता में लौटे,…
