जब पहाड़ ही नहीं बचेंगे, शहर किस हवा में सांस लेंगे देवानंद सिंह दिसंबर की सुबह जब दिल्ली–एनसीआर की हवा धुंध, धूल और धुएं के मिश्रण से लगभग ठोस-सी हो जाती है, तब गुरुग्राम के हाईवे पर रेंगती गाड़ियां किसी धातु-सर्प की तरह दिखती हैं। दृश्य केवल यातायात का नहीं होता, वह एक भूगोल की चेतावनी भी होता है। इसी धुंध के पार, शहर से थोड़ी ही दूरी पर, क्वार्ट्ज़ाइट की घिसी-पिटी लकीरें उभरती हैं। न कोई हिमरेखा, न कोई पोस्टकार्ड-शिखर। बस टूटती, कुतरती, समय से थकी हुई पहाड़ियां, मानो पृथ्वी ने अपनी सबसे पुरानी हस्तलिपि यहीं छोड़ दी हो।…
Author: News Desk
अटल जी को याद कर सन्नी सिंह ने बांटे कम्बल राष्ट्र संवाद संवाददाता *जमशेदपुर*। भारतीय जनता पार्टी के बिष्टुपुर मंडल के पूर्व महामंत्री सन्नी सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101 वीं जयंती मनाई गई। लोगों ने अटलजी के सुशासन को याद किया और श्रद्धांजलि दी। यह आयोजन न्यू रानी कूदर स्थित महावीर मंदिर के प्रांगण में हुआ। इसके तुरंत बाद सन्नी सिंह ने जरूरतमंद 105 लोगों के बीच कम्बल वितरित किया। इस अवसर पर वंदना सिंह, ललन द्विवेदी, संजय तिवारी, सुनील दीक्षित, राहुल, किट्टू, मन्नू, प्रवीण, विक्रम आदि मौजूद रहे।
देवानंद सिंह संसद का शीतकालीन सत्र जिस शोर-शराबे और आरोप–प्रत्यारोप के साथ शुरू हुआ था, उसी हताशाजनक अंदाज़ में उसका समापन भी हो गया। लोकतंत्र के मंदिर में नारे गूंजते रहे, तख्तियां लहराती रहीं और सदन बार-बार स्थगित होता रहा। इस शोर के बीच कई जरूरी मुद्दे चर्चा की प्रतीक्षा में ही रह गए। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण जैसे जीवन-मरण के सवाल पर, सत्ता पक्ष और विपक्ष की मौखिक सहमति के बावजूद, कोई ठोस बहस नहीं हो सकी। यह सिर्फ संसदीय असफलता नहीं है, बल्कि करोड़ों नागरिकों के स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक…
-ललित गर्ग- भारत के आधुनिक इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल सत्ता या पद से नहीं, बल्कि अपने विचार, चरित्र और आचरण से राष्ट्र की चेतना को आकार देते हैं। भारतीय राजनीति का महानायक, भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता, भारत रत्न, प्रखर कवि, वक्ता और पत्रकार अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे ही लोकनायक थे, जो राजनीति में रहते हुए भी राजनीति से बड़े दिखाई देते थे। उनकी 101वीं जन्म-जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का क्षण है कि हम किस भारत का स्वप्न देखते हैं और उसे साकार करने में हमारी भूमिका क्या…
यह सिर्फ एक परिवार की मौत नहीं, सिस्टम की विफलता का संकेत इंदिरा यादव नांदेड़ : महाराष्ट्र जवाला मुरार गांव की गलियां आज गहरे सन्नाटे और मातम में डूबी हैं। जिस घर से कभी खेती-बाड़ी की बातें, फसलों की उम्मीदें और बच्चों के सपनों की आवाजें आती थीं, वहां अब सिर्फ पुलिस की गाड़ियां, टूटे हुए रिश्तेदार और सिसकते पड़ोसी हैं। नांदेड़ जिले में एक किसान परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत ने न केवल गांव, बल्कि पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। एक घर, चार अर्थियां और अनगिनत सवाल गुरुवार की सुबह गांव के लोग…
राष्ट्र संवाद संवाददाता नई दिल्ली : जयघोष फाउंडेशन, दिल्ली-एनसीआर ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के नागरिक श्री दीपु चंद्र दास की निर्मम और अमानवीय हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। फाउंडेशन ने इस घटना को मात्र एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि धार्मिक पहचान के आधार पर किया गया गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताया है। संगठन के अनुसार यह घटना बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार बढ़ रही हिंसा और उत्पीड़न की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। फाउंडेशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार दीपु चंद्र दास एक…
कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन से एक बार फिर कठघरे में हमारी न्याय व्यवस्था देवानंद सिंह भारतीय न्याय व्यवस्था अक्सर यह दावा करती है कि वह देरी से सही, पर न्याय देने में विश्वास रखती है, लेकिन उन्नाव बलात्कार मामला उस दावे की सबसे कठोर परीक्षा है। यह केवल एक अपराध नहीं था, बल्कि सत्ता, पुलिस, राजनीति और न्याय, ये चारों संस्थाओं की सामूहिक नैतिक विफलता का आईना था। अब, लगभग नौ वर्षों बाद, जब इस मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से सज़ा निलंबन मिल जाता…
ललित गर्ग अरावली पर्वत शृंखला की नई परिभाषा को लेकर उठा विवाद अब जन-आन्दोलन का रूप ले रहा है। इसी के अन्तर्गत अरावली बचाओ की चिन्ता-यह केवल भावनात्मक आह्वान नहीं, बल्कि भारत के पर्यावरणीय भविष्य की जीवनरेखा है। गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैली अरावली पर्वतमाला पृथ्वी की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यह पर्वत केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि जल, जंगल, जैव-विविधता, जलवायु संतुलन और मानव जीवन के लिए एक प्राकृतिक कवच है। आज जब खनन, शहरीकरण और विकास की आड़ में इस पर्वतमाला को टुकड़ों में बांटने की कोशिशें हो रही हैं, तब यह प्रश्न…
अजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार, लखनऊ ( उ. प्र.) हिंदुस्तान में ऐसे नेताओं और राजनैतिक दलों की कमी नहीं है, जो दुनिया के किसी कोने में मुसलमानों के साथ खड़े होने में देरी नहीं करते हैं। इजरायल जब गाजा में हमास के आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो यहां तमाम दलों के नेता और मुस्लिम संगठन अपनी छाती पीटने और हिंसा पर उतारू हो जाते हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा तो विरोध स्वरूप फिलिस्तीन का बैग लेकर संसद में ही पहुंच गई थीं, लेकिन इन्हें दुनिया के किसी कोने में हिन्दुओं के साथ होने वाले अत्याचार और यहां तक कि…
राष्ट्र संवाद संवाददाता प्रयागराज, यूपी (इंद्र यादव) हंडिया क्षेत्र में सोशल मीडिया पर एक विवादित वीडियो वायरल होने के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले को लेकर अधिवक्ता बलराम यादव (सदस्य, अधिवक्ता परिषद हंडिया) ने ‘सहायक पुलिस आयुक्त हंडिया’ को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। मुख्य घटनाक्रम आरोप: शिकायत के अनुसार, आदित्य सिंह (पुत्र गोली सिंह) और उसके साथी अमन (पुत्र हरी), जो ग्राम धोकरी (झारी काठी), सैदाबाद के निवासी हैं, पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विवाद का कारण: आरोप है कि इन युवकों ने एक वीडियो बनाया है जिसमें यादव समाज के खिलाफ अत्यंत…
