राष्ट्र संवाद संवाददाता हरियाणा /हिसार (राजेश सलूजा) वरिष्ठ भाजपा नेत्री मालती अरोड़ा पानीपत ने बताया कि लोकतंत्र में कोई भी निर्वाचित सरकार उसके पूरे कार्यकाल तक जनता के हित में कार्य करती रहे यही उम्मीद की जाती है। हमारे देश में पंचायत राज संस्थाओं से लेकर लोकसभा तक का कार्यकाल पांच साल के लिए तय है। लेकिन आज के दौर में जो चुनाव प्रक्रिया हमारे देश में है, उसमें लगभग हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं। इससे संसाधनों के साथ-साथ देश की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ता है। बार-बार चुनावी आचार संहिता के…
Author: News Desk
भारत में ग्रीन पावर खरीदना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान है—कम से कम कागज़ों पर। 2022 में केंद्र सरकार ने Green Energy Open Access Rules लागू किए, जिनका मक़सद था: कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी का सीधा रास्ता दिखाना, और देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जाना। अब 100 किलोवॉट से ज़्यादा सालाना खपत करने वाले किसी भी Commercial या Industrial (C&I) उपभोक्ता के पास यह विकल्प है कि वह सीधे किसी भी solar, wind या दूसरे renewable source से बिजली ख़रीद सकता है—बिना राज्य की वितरण कंपनियों (DISCOMs) की मेहरबानी के। इसी व्यवस्था…
विश्व माता-पिता दिवसः 1 जून 2025 – ललित गर्ग – विश्व के अधिकतर देशों की संस्कृति में माता-पिता का रिश्ता सबसे बड़ा एवं प्रगाढ़ माना गया है। भारत में तो इन्हें ईश्वर का रूप माना गया है। माता-पिता को उनके बच्चों के लिए किए गए उनके काम, बच्चों के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता और इस रिश्ते को पोषित करने के लिए उनके आजीवन त्याग के लिए सम्मान और सराहना देने के लिए प्रतिवर्ष विश्व माता-पिता (अभिभावक) दिवस 1 जून को मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का पालन दिवस है। यह दिन हमें परिवारों के विकास में माता-पिता और…
देवानंद सिंह भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से हुआ चार दिवसीय सीमित सैन्य संघर्ष, अब केवल रणनीतिक सैन्य अभियानों तक सीमित नहीं रह गया है। इस संघर्ष में हुए संभावित नुक़सान, विशेष रूप से भारतीय लड़ाकू विमानों को लेकर उठे विवाद ने एक नया राजनीतिक व सैन्य विमर्श खड़ा कर दिया है। यह बहस अब और तेज हो गई है, जब भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शांगरी-ला डायलॉग के दौरान ब्लूमबर्ग टीवी को दिए गए साक्षात्कार में विमानों के गिरने के सवाल पर कहा, “ज़रूरी नहीं कि…
आपका *राष्ट्र आपका *संवाद राष्ट्र संवाद पञिका राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में बेमिसाल 25 साल राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता बदलें सोच बदलेगा समाज 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 01जून दिन रविवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP JHAHIN2000/1039 राष्ट्रसंवाद दैनिक:- JHAHIN01092 राष्ट्र संवाद नजरिया : एयर चीफ़ मार्शल की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत देवानंद सिंह विदेश नीति की ‘दिनौंधी’ का इलाज जरूरी आनंद सिंह अगर देश में सुप्रीम कोर्ट नहीं होता तो…! निशिकांत ठाकुर स्टाइल या बर्बादी? भारत में 19 साल से पहले लग…
देवानंद सिंह भारत के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल अमर प्रीत सिंह द्वारा गत दिनों दिया गया बयान भारत की रक्षा तैयारियों, स्वदेशी उत्पादन, और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला की गंभीर वास्तविकताओं पर एक सटीक और साहसिक टिप्पणी है। दिल्ली में आयोजित ‘कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्रीज़’ (CII) के सालाना सम्मेलन में उन्होंने न सिर्फ़ रक्षा सौदों में हो रही देरी पर चिंता जताई, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग के प्रति बढ़ती हताशा को भी सार्वजनिक रूप से अभिव्यक्त किया। उनका कहना था कि ऐसा एक भी प्रोजेक्ट नहीं है, जो तय समय पर पूरा हुआ हो। यह वक्तव्य न केवल भारतीय वायुसेना…
आनंद सिंह अभी आपने एक खबर पढ़ी होगी जिसमें भारत के दशकों से मित्र रहे रुस ने पाकिस्तान में स्टील प्लांट लगाने के लिए समझौता किया है। अगर आप अंतरराष्ट्रीय मामलों के थोड़े भी जानकार हैं, खबरें पढ़ते हैं तो इस खबर को पढ़ कर आप चौंके जरुर होंगे। पाकिस्तान और रुस एक साथ! खबर बिल्कुल सही है। आने वाले दिनों में रुस, पाकिस्तान में स्टील प्लांट लगाने जा रहा है। इससे भारत को क्या नफा-नुकसान होना है, उसकी चर्चा फिर कभी। लेकिन, आपको समझना पड़ेगा कि रुस का पाकिस्तान में स्टील प्लांट लगाने का फैसला इतना सामान्य नहीं है।…
निशिकांत ठाकुर भारतीय संविधान के लिए गठित सभा में कानून के लगभग सभी उद्भट विद्वान शामिल थे, जिन्हें डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व द्वारा देखा जा रहा था। कोई कल्पना कर सकता है कि आजादी के बाद देश में न तो सड़कों का विस्तार हुआ, न ही रेलवे का जाल बिछा था, लेकिन उन महान कानूनविदों ने देश के कोने-कोने का निरीक्षण कर उन्हें एक सूत्र में गूंथकर एक माला की शक्ल में संविधान का रूप दिया। चाहे कोई कुछ भी कहे, चाहे वेदों से, उपनिषदों से, चाहे ब्रिटिश नियम और संविधान को या विश्व के किसी नियम-कानून को…
बस्तर ‘माओवाद मुक्त’ या असमय घोषणा? देवानंद सिंह छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र को लेकर इन दिनों एक बार फिर चर्चा तेज़ है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा बस्तर को ‘माओवाद मुक्त’ घोषित करने के बाद यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह घोषणा महज एक राजनीतिक बयान है या ज़मीनी हकीकत में भी कोई बदलाव आया है? इस दावे की सच्चाई तलाशने पर कई स्तरों जैसे आंकड़ों, नीति-निर्धारण, प्रशासनिक दृष्टिकोण और राजनीतिक मंशा आदि पर विरोधाभास नज़र आते हैं। दरअसल, दिसंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में लौटने के बाद छत्तीसगढ़ में माओवाद के ख़िलाफ़…
हिंदी पत्रकारिता के 200 साल(30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस) पर विशेष… मूल्यबोध और राष्ट्रहित बने मीडिया का आधार -प्रो. संजय द्विवेदी हिंदी पत्रकारिता दिवस हम 30 मई को मनाते हैं। इसी दिन 1826 को कोलकाता से पं.युगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी भाषा के पहले पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ की शुरुआत की थी। यह संयोग था या सुविचारित योजना कि उस दिन भारतीय तिथि से नारद जयंती भी थी। यानि हिंदी के पहले संपादक ने भी नारद जी अपने पुरखों के रुप में देखा। संपादकीय में उन्होंने हमें पत्रकारिता का उद्देश्य और बीज मंत्र भी यह लिखकर दिया- हिंदुस्तानियों के हित के…
