लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताभारत जैसे विशाल लोकतंत्र में मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल निष्पक्ष चुनावों की नींव रखता है, बल्कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का समान अवसर भी प्रदान करता है। इसी उद्देश्य के साथ, निर्वाचन आयोग नियमित रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम आयोजित करता है। हाल ही में, झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने आगामी SIR 2026 के संबंध में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसका लक्ष्य मतदाताओं के बीच फैली भ्रांतियों को…
Author: Nikunj Gupta
लेखक: इंद्र यादवआजकल देश में एक बड़ा सवाल तैर रहा है, और वह है राम मंदिर के चढ़ावे या दान में गड़बड़ी की खबरें आने पर हर तरफ पसरा सन्नाटा। यह एक ऐसा मुद्दा है जो सीधे तौर पर करोड़ों भक्तों की आस्था और उनके भरोसे से जुड़ा है। जब देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक, अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आती है, तो क्यों कोई खुलकर बात नहीं करना चाहता? यह चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है, और यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह केवल धन के प्रबंधन का…
लेखक: संजय सक्सेना शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सड़कों के किनारे बने फुटपाथ और लंबी दूरी के मार्गों पर हरियाली सहित पथिकों को छाया देने वाले वृक्ष अब अतीत की बात हो गए हैं। फुटपाथों पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है, जबकि वृक्ष मार्ग चौड़ीकरण या विकास की भेंट चढ़ गए हैं। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने 19 जून 2026 के अपने फैसले में पैदल यात्रियों के फुटपाथ पर सुरक्षित चलने को उनका मौलिक अधिकार करार दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय ने एक बार फिर शहरी नियोजन और नागरिक सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जहां फुटपाथ…
What Happened In the quiet district of Bhojpur, Bihar, a police action that resulted in the death of **Bharat Bhushan Tiwari** has erupted into a storm of national controversy. What the police initially described as a legitimate retaliatory measure—a **Bharat Tiwari encounter**—has been met with vehement questions and skepticism from various quarters. Family members of the deceased, local villagers, numerous social organizations, and a spectrum of political parties are challenging the official narrative, demanding transparency and an impartial investigation. The incident, far from being a routine law enforcement operation, has seized the public imagination, dominating discussions across social media platforms…
लेखक: अजय कुमारउत्तराखंड की राजनीति में चुनावी पारा चढ़ चुका है। पहाड़ी राज्य में विधानसभा चुनाव में अब आठ महीने से भी कम वक्त बचा है और हर दल अपनी-अपनी सियासी बिसात बिछाने में जुटा है। सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी जहां इतिहास रचने के मंसूबे के साथ मैदान में डटी है, वहीं कांग्रेस अपने दस साल पुराने वनवास को खत्म करने के लिए जोर लगा रही है। इसी बीच क्षेत्रीय अस्मिता की राजनीति करने वाला उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) भी अपनी खोई जमीन वापस पाने की जुगत में है। सत्तर सीटों वाले इस राज्य में मुकाबला अब त्रिकोणीय…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के सिदगोड़ा इलाके में देर रात हुई सिदगोड़ा पुलिस कार्रवाई के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक युवक के घायल होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह घटना शनिवार देर रात सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में घटी, जिसके बाद हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और जनता के बीच विश्वास बहाली के मुद्दे को सामने ला…
लेखक: डाक्टर दीपक गोस्वामीभगवान श्रीकृष्ण ने गीता के दसवें अध्याय में कहा कि नदियों में मैं गंगा हूँ। वही गंगा आज मैली होकर अपने बच्चों से जीवन माँग रही है। यह केवल नदी का सवाल नहीं, हमारी पूरी सभ्यता के जीने मरने का सवाल है। शब्दों से माँ कहना बहुत आसान है, काम से माँ मानना बहुत कठिन है। हम मोक्ष के लिए गंगा नहाने जाते हैं, पुरखों की अस्थि बहाते हैं, कुंभ में डुबकी लगाते हैं। मगर वही हाथ जो पूजा में जुड़ते हैं, वही हाथ पन्नी, नाले का पानी, कारखाने का जहर और कूड़ा गंगा की गोद में…
लेखक: महेन्द्र तिवारीवर्ष 2026 में आयोजित होने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक बार फिर विश्व भर में स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूकता लाने का प्रमुख मंच बनने जा रहा है। इस वर्ष का केंद्रीय विषय ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ है, जो बढ़ती वैश्विक आबादी और आयु-संबंधी चुनौतियों के समाधान के रूप में योग के महत्व को रेखांकित करता है। भारत की प्राचीन परंपरा से उपजा योग आज न केवल शारीरिक व्यायाम है, बल्कि एक समग्र जीवनशैली का प्रतीक भी है, जो मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करता है। यह विशेष आयोजन हमें यह समझने का अवसर देता…
लेखक: ललित गर्गआज का विश्व अभूतपूर्व संकटों के दौर से गुजर रहा है। एक ओर युद्धों की विभीषिका है, दूसरी ओर आतंकवाद का भय, सामाजिक हिंसा, मानसिक तनाव, अवसाद, अकेलापन और असहिष्णुता का बढ़ता हुआ वातावरण। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न तो बनाया है, लेकिन मनुष्य के भीतर की शांति, संतुलन और आनंद कहीं खोता जा रहा है। ऐसे समय में यदि कोई शक्ति मनुष्य को स्वयं से, समाज से और मानवता से पुनः जोड़ सकती है तो वह है-संगीत। संगीत केवल मनोरंजन नहीं है, यह मनुष्य के भीतर छिपी संवेदनाओं का जागरण है। यह आत्मा की…
लेखक: देवानंद सिंहअयोध्या केवल एक शहर नहीं, करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। रामलला का भव्य मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग और संघर्ष का जीवंत प्रतीक है। ऐसे में यदि उसी मंदिर के चढ़ावे और दान को लेकर हेराफेरी के आरोप सामने आते हैं, तो मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सीधे श्रद्धालुओं की भावनाओं और जनविश्वास को झकझोर देता है। इस राम मंदिर चढ़ावे विवाद ने एक बार फिर रामभक्तों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जो सिर्फ वित्तीय नहीं, बल्कि नैतिक और आस्था से जुड़े हैं।रामभक्तों की…
