Author: Devanand Singh

लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताजमशेदपुर, 30 जुलाई: भारत के महान उद्योगपति, विमानन अग्रदूत और समाजसेवी जेआरडी टाटा की जयंती पर बिष्टूपुर स्थित राजस्थान भवन में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में शहर के व्यापारियों एवं उद्यमियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।जेआरडी टाटा की जयंती पर कैट का आयोजनकैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा कि जेआरडी टाटा का जीवन इस बात का प्रमाण है कि उद्योग केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन भी है। डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के दिलीप गोयल…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातासूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोपजमशेदपुर: सोनारी थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा निवासी एवं “एम.बी.ए. गोलगप्पावाला” के संचालक बजरंग प्रसाद ने सोनारी थाना प्रभारी, शांति समिति के सदस्य मनीष सिंह समेत अन्य के खिलाफ सूदखोरी, मारपीट, धमकी, ठेला बंद कराने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए न्यायालय में शिकायत वाद दायर किया है।ब्लैंक चेक और सादे कागज पर हस्ताक्षर का दबावशिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने आर्थिक तंगी के दौरान ₹1.70 लाख उधार लिया था, जिस पर 10 प्रतिशत मासिक ब्याज तय किया गया और सुरक्षा के नाम पर दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक लिए गए। उनका…

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लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”इतिहास की सबसे बड़ी शक्ति यह नहीं कि वह अतीत में दर्ज है, बल्कि यह कि वह हर युग में वर्तमान को दिशा देता है। 25 जुलाई 2026 को यूनेस्को द्वारा सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना केवल एक पुरातात्विक स्थल का सम्मान नहीं, बल्कि उस भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का विस्तार है जिसने कभी अपने विचारों से दुनिया को मार्ग दिखाया था। युद्ध, क्षेत्रीय संघर्ष, जलवायु संकट और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच सारनाथ का यह सम्मान एक वैकल्पिक संदेश है। यह सिद्ध करता है कि किसी सभ्यता की वास्तविक शक्ति उसके…

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लेखक: इंद्र यादवएक वक्त था जब उस शख्स की एक दहाड़ से पूरा घर संभल जाता था। उसके कदमों की आहट मात्र से बच्चे अपनी शैतानियां छोड़ देते थे और हर मुश्किल वक्त में परिवार की ढाल वही बनता था। लेकिन वक्त का पहिया घूमा, बच्चे बड़े हुए, अपने आशियानों में व्यस्त हो गए और वही मजबूत इंसान आज घर के किसी एक कोने में चुपचाप बैठा नजर आता है। यह कोई आम खामोशी नहीं है—यह एक बूढ़े बाप की खामोशी है, जो चीख-चीखकर बता रही है कि जिंदगी अब कितनी अकेली हो चुकी है।उम्मीद और इंतजार का थका हुआ…

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लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”यूनेस्को में सारनाथ: भारत की सभ्यता का वैश्विक हस्ताक्षरस्तूप से सॉफ्ट पावर तक: सारनाथ यूनेस्को में भारत की नई विश्व-भाषाइतिहास की सबसे बड़ी शक्ति यह नहीं कि वह अतीत में दर्ज है, बल्कि यह कि वह हर युग में वर्तमान को दिशा देता है। 25 जुलाई 2026 को यूनेस्को द्वारा सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना केवल एक पुरातात्विक स्थल का सम्मान नहीं, बल्कि उस भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का विस्तार है जिसने कभी अपने विचारों से दुनिया को मार्ग दिखाया था। युद्ध, क्षेत्रीय संघर्ष, जलवायु संकट और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच…

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लेखक: इंद्र यादवबूढ़े बाप की खामोशीएक वक्त था जब उस शख्स की एक दहाड़ से पूरा घर संभल जाता था। उसके कदमों की आहट मात्र से बच्चे अपनी शैतानियां छोड़ देते थे और हर मुश्किल वक्त में परिवार की ढाल वही बनता था। लेकिन वक्त का पहिया घूमा, बच्चे बड़े हुए, अपने आशियानों में व्यस्त हो गए और वही मजबूत इंसान आज घर के किसी एक कोने में चुपचाप बैठा नजर आता है। यह कोई आम खामोशी नहीं है—यह एक बूढ़े बाप की खामोशी है, जो चीख-चीखकर बता रही है कि जिंदगी अब कितनी अकेली हो चुकी है।उम्मीद और इंतजार…

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लेखक: इंद्र यादवबूढ़े बाप की खामोशीइंद्र यादव/मुंबई/एक वक्त था जब उस शख्स की एक दहाड़ से पूरा घर संभल जाता था। उसके कदमों की आहट मात्र से बच्चे अपनी शैतानियां छोड़ देते थे और हर मुश्किल वक्त में परिवार की ढाल वही बनता था। लेकिन वक्त का पहिया घूमा, बच्चे बड़े हुए, अपने आशियानों में व्यस्त हो गए और वही मजबूत इंसान आज घर के किसी एक कोने में चुपचाप बैठा नजर आता है। यह कोई आम खामोशी नहीं है—यह एक बूढ़े बाप की खामोशी है, जो चीख-चीखकर बता रही है कि जिंदगी अब कितनी अकेली हो चुकी है।उम्मीद और…

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लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”यूनेस्को में सारनाथ: भारत की सभ्यता का वैश्विक हस्ताक्षरइतिहास की सबसे बड़ी शक्ति यह नहीं कि वह अतीत में दर्ज है, बल्कि यह कि वह हर युग में वर्तमान को दिशा देता है। 25 जुलाई 2026 को यूनेस्को द्वारा सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना केवल एक पुरातात्विक स्थल का सम्मान नहीं, बल्कि उस भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का विस्तार है जिसने कभी अपने विचारों से दुनिया को मार्ग दिखाया था। युद्ध, क्षेत्रीय संघर्ष, जलवायु संकट और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच सारनाथ का यह सम्मान एक वैकल्पिक संदेश है। यह सिद्ध करता…

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लेखक: ललित गर्गआज का विश्व अभूतपूर्व वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उत्कर्ष का साक्षी है, लेकिन इसके समानांतर एक कठोर सच्चाई भी हमारे सामने है-मनुष्य पहले से अधिक अकेला, तनावग्रस्त और संबंधों से विहीन होता जा रहा है। परिवार छोटे हुए हैं, संवाद सीमित हुआ है, विश्वास कमजोर पड़ा है और संवेदनाएं लगातार क्षीण हो रही हैं। ऐसे समय में अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि मानव सभ्यता को बचाने का एक सांस्कृतिक और नैतिक अभियान है।अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस का महत्व और संयुक्त राष्ट्र की पहलसंयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 30 जुलाई को…

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लेखक: ललित गर्गआज का विश्व अभूतपूर्व वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उत्कर्ष का साक्षी है, लेकिन इसके समानांतर एक कठोर सच्चाई भी हमारे सामने है-मनुष्य पहले से अधिक अकेला, तनावग्रस्त और संबंधों से विहीन होता जा रहा है। परिवार छोटे हुए हैं, संवाद सीमित हुआ है, विश्वास कमजोर पड़ा है और संवेदनाएं लगातार क्षीण हो रही हैं। ऐसे समय में अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि मानव सभ्यता को बचाने का एक सांस्कृतिक और नैतिक अभियान है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 30 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस इस विश्वास…

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