पत्रकार पर हमले को लेकर उबाल, कार्रवाई में देरी से भड़का आक्रोश, एसपी से मिले प्रेस क्लब पदाधिकारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में पत्रकार अंकित शुभम, उनके माता-पिता एवं बहन के साथ मारपीट और जान से मारने की नीयत से चार पहिया वाहन चढ़ाने के प्रयास का मामला अब गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद आदित्यपुर थाना पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से जिले भर के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में शनिवार को प्रेस क्लब अध्यक्ष मनमोहन सिंह एवं महासचिव प्रमोद सिंह ने पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत से मुलाकात कर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने एसपी को अवगत कराया कि यह हमला सिर्फ एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद यदि कार्रवाई में अनावश्यक देरी की गई तो पत्रकार समुदाय आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष व गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पार्किंग विवाद को लेकर पड़ोसी सुभाष यादव द्वारा पत्रकार अंकित शुभम पर हमला किया गया, जिसमें बीच-बचाव करने पहुंचे उनके परिजनों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई तथा चार पहिया वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 351 (आपराधिक धमकी) सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी के आश्वासन के बाद पत्रकारों में न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन सभी की निगाहें अब त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

