नुतन्डीह में सरकारी जमीन पर बने चाहरदीवारी को अतिक्रमणकारी ने स्वयं हटाना शुरू किया
ग्रामीणों ने सैकड़ो पलास पेड़ को काटने का लगाया आरोप
अतिक्रमण स्थल पर बने कार्यालय को भी स्वयं तोड़ा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका। जल जंगल जमीन की लूट, नहीं किसी को इसकी छूट नारा के साथ पोटका के नुतन्डीह में ऑन द स्पॉट सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर घेराबंदी करने वालों के खिलाफ बांगो गांव के ग्रामीणों ने रविवार को चौपाल लगाया। चौपाल की अध्यक्षता ग्राम प्रधान फटिक गोप ने किया। इसके अलावा भूतनाथ गोप, अभिरथ गोप, नारायण गोप, सूरत गोप आदि उपस्थित थे। ग्रामीणों ने सर्वप्रथम अतिक्रमण क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि झारखंड के राजकीय वृक्ष पलास के सैकड़ो पेड़ को जमीन क्रेता के द्वारा काटा गया है। अतिक्रमण स्थल पर लगे सीमेंट स्लैब को मजदूरों द्वारा हटाया जा रहा था जिस पर ग्रामीणों ने रोक लगवा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी जांच पूरा होने तक घेराबंदी को नहीं हटाया जाएगा।

ताकि प्रशासन को जांच में अतिक्रमण का सबूत मिले। अतिक्रमण स्थल पर एक स्थायी इट का कार्यालय भी बनाया गया था। जहाँ बैठकर जमीन दलाल एवं अतिक्रमणकारी सरकारी जमीन को घेरने का योजना बनाते थे तथा निर्माण सामग्री को भी रखते थे। अतिक्रमण स्थल पर बनाये कार्यालय को भी जमीन दलालों ने स्वयं तोड़ दिया। ग्रमीणों ने बैठक में निर्णय लिया की सरकारी जमीन को अतिक्रमण कर घेरने वालों के खिलाफ उपायुक्त, डीएफओ, एसडीओ एवं सीओ को एक ज्ञापन दिया जाएगा। पलास पेड़ को काटने के खिलाफ मामला दर्ज करने की भी मांग ग्रामीणों ने किया।
विदित हो कि धीरोल पंचायत के बांगो गांव टोला नुतन्डीह में जमशेदपुर के शांति मिश्र, प्रिया वर्मा, अपर्णा कुमारी ने 3.59 एकड़ रैयत जमीन खरीद किया। इसके अलावा 3.10 एकड़ सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर घेराबंदी भी कर लिया। जिसके खिलाफ ग्रामीण आंदोलनरत है।
कौन है वाणिज्य कर पदाधिकारी और शांति मिश्र
3.59 एकड़ रैयत जमीन शांति मिश्र, प्रिया वर्मा और अपर्णा कुमारी द्वारा खरीदे जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने सैकड़ों पलास पेड़ काटे जाने का आरोप लगाया। पलास पेड़ों की कटाई के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।

