रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
जमशेदपुर के खासमहल स्थित सदर अस्पताल में देशव्यापी एलपीजी किल्लत का असर अब अस्पताल की रसोई व्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों से रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण अस्पताल प्रशासन और भोजन आपूर्ति करने वाले वेंडर के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। स्थिति ऐसी बन गई है कि मरीजों के लिए भोजन तैयार करने हेतु मजबूरी में लकड़ी और कोयले के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर के पीछे अस्थायी चूल्हे बनाकर रसोइयों द्वारा धुएं के बीच खाना पकाया जा रहा है। भोजन वेंडर ओंकार नाथ ने बताया कि गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण पिछले दो दिनों से आपूर्ति पूरी तरह ठप है। मरीजों को समय पर भोजन मिल सके, यही प्राथमिकता है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लकड़ी और कोयले का इंतजाम किया गया है और इस बारे में अस्पताल प्रबंधन को मौखिक रूप से सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि धुएं के बीच काम करना रसोइयों के लिए बेहद कठिन है, फिर भी मरीजों की सेवा को ध्यान में रखते हुए काम जारी है। वहीं दिलचस्प बात यह है कि इस बदलाव का असर मरीजों तक नहीं पहुंचा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि उन्हें तीनों समय बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिल रहा है और खाने की आपूर्ति में अब तक कोई देरी नहीं हुई है। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले सदर अस्पताल में लंबे समय तक लकड़ी और कोयले के चूल्हों का इस्तेमाल व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन और गैस एजेंसियों से संपर्क कर आपातकालीन कोटा के तहत जल्द से जल्द एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि अस्पताल की रसोई व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।

