राष्ट्र संवाद संवाददाता
किसानों से वादाखिलाफी के विरोध में भाजपा द्वारा गम्हरिया प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित कार्यक्रम प्रभारी देवेश महापात्रा ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार की गलत एवं किसान विरोधी नीतियों के कारण यहां के किसान वर्तमान में कई मोर्चों पर जूझने को मजबूर हैं। एक तो प्राकृतिक आपदा से किसान यूं ही परेशान और हताश है। ऊपर से राज्य सरकार की गलत नीतियां किसानों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान कहीं नहीं है। जब से हेमंत सरकार के हाथों में राज्य की बागडोर आई है, किसानों की समस्या में और भी वृद्धि हुई है। हेमंत सरकार किसानों के मुद्दे पर पूरी तरह लापरवाह और संवेदनहीन साबित हुई है। कार्यक्रम को रितिका मुखी, सुनील श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष गणेश कालिंदी समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। तत्पश्चात, राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन गम्हरिया के अंचल अधिकारी को सौंपा गया। उक्त ज्ञापन के माध्यम से किसानों को 3200 रुपए प्रति क्विंटल धान की एमएसपी देने, किसानों के धान के बकाया राशि का अविलंब भुगतान करने, सब्सिडी पर खाद, बीज व कृषि उपकरण उपलब्ध कराने, किसानों के ऋण माफी की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने समेत कई मांगे मांगी गई है। इस मौके पर किशन प्रधान, अमरेश गोस्वामी, दिनेश साह, श्यामपदो गोराई, अमितेश अमर, बबलू सिंह, विनय कृष्ण राजू, नीरू सिंह, पंकज कुमार, अमन प्रसाद, सुनीता मिश्रा, दुलारी झा, संतोष साह, महेंद्र चौधरी, अनय सिंह, मनोरंजन नंदी, शुभम पांडे समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

