जमशेदपुर में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर AIDSO का जोरदार आंदोलन, सरकार पर साधा निशाना
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में शिक्षा व्यवस्था की लगातार गिरती स्थिति को लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने पूर्वी सिंहभूम जिले में व्याप्त गंभीर शैक्षणिक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
AIDSO के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले के स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान नहीं होना, शिक्षकों के हजारों पद खाली रहना, और शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
संगठन ने मांग की कि
लंबित छात्रवृत्ति राशि का अविलंब भुगतान किया जाए
स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियमित बहाली हो
वर्षों से लंबित छात्र संघ चुनाव कराए जाएं
छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों में की गई अनियंत्रित फीस वृद्धि को वापस लिया जाए
दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए
स्कूल और कॉलेजों में आधुनिक लैब, पुस्तकालय और डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था की जाए
इसके साथ ही AIDSO ने नई शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि यह नीति शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देती है और गरीब तथा मध्यम वर्ग के छात्रों को शिक्षा से वंचित करने का काम कर रही है।
AIDSO नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं बल्कि हर छात्र का मौलिक अधिकार है, और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।

