नगरपरिषद क्षेत्र कुदलीबाडी हिन्दू समुदाय के श्मशान घाट में लगा कचड़े का अंबार
उमाशंकर गिरी ने कहा
कचड़े में लगे आग से निकलने वाली जहरीली धुएं से आसपास के लोगों को रोजाना परेशानियों से रूबरू होना पड़ रहा है
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर
पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर नगरपरिषद क्षेत्र कुदलीबाडी स्थित हिन्दू समुदाय के श्मशान घाट में इन दिनों कचड़े का अंबार लगा हुआ है। जिससे यहां शवों का अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को दुर्गंध से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही कचड़े में लगे आग से निकलने वाली जहरीली धुएं से आसपास के लोगों को रोजाना परेशानियों से रूबरू होना पड़ रहा है। वही इस बात की जानकारी गिरिराज सेना प्रमुख उमाशंकर गिरी को होने पर अपने लोगों के साथ श्मशान घाट पहुंचे और वस्तु स्थिति से अवगत हुए।
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गिरिराज सेना ने रोका कचड़ा का डम्प
गिरिराज सेना ने श्मशान घाट में कचरे का किये जा रहे हैं डंप को तत्काल रोकते हुए सभी गाड़ियों को वापस भेज दिया। साथ ही इसकी शिकायत नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से भी की और एक सप्ताह में विभाग के द्वारा नए डंपिंग यार्ड में कचरे का डंप करना सुनिश्चित करने की बात कही। वही गिरिराज सेना की ओर से नगर परिषद,व एसडीएम पोड़ाहाट को लिखित रूप से भी शिकायत दर्ज कराई।
शहर से रोजाना पांच टन से अधिक कचड़े होता है उठाव
चक्रधरपुर नगर परिषद के द्वारा रोजाना पूरे शहर से 10 छोटी बड़ी गाड़ियों में करीब 5 टन से अधिक कूड़ा कचरा का उठाव होता है, जिसको कुदलीबाडी श्मशान घाट में ही डंप किया जाता है, चुकी नगर परिषद का अपना कोई स्थाई डंपिंग यार्ड नहीं होने के कारण कुदलीबाडी स्थित हिंदू शमशान घाट में ही सालों से कचरे का डंपिंग होता आ रहा है। जिसको लेकर लोगों ने कई बार शिकायत दर्ज कराई है।
स्वर्ग द्वार को बना दिया नर्क द्वार
श्मशान घाट को हिंदू मान्यताओं के अनुसार स्वर्गद्वार बताया गया है लेकिन यहां की जो दयनीय स्थिति है उसे देखकर लोग स्वर्ग द्वार को नर्क द्वार की संज्ञा से नवाज रहे हैं।वही सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। चारों तरफ कूड़ा कचरा व फालतू के झाड़ियां ही नज़र आता है। वही अज्ञात चोरों के द्वारा यहां के वायरिंग में लगे तारों एवं पंखे भी चुरा कर ले गए। नगरपरिषद द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
इस दौरान गिरिराज सेना के अमरनाथ साव,बिजया पोद्दार,मनोज सोनकर,मंगल मुखी,के अलावा काफी संख्या में नगरपरिषद के दैनिक वेतन भोगी मजदूर मौजूद रहे।

