प्रजा का हाल जानने रथ पर निकले जगत के नाथ, श्रद्धालुओं ने खींची डोर, मौसीबाड़ी पहुंचे महाप्रभु
राष्ट्र संवाद संवाददाता
तस्वीर उमाशंकर दुबे
जमशेदपुर। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर लौहनगरी पूरी तरह भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। शहर के बिष्टुपुर, साकची, कदमा, मानगो, नामदा बस्ती, भुइयांडीह समेत विभिन्न क्षेत्रों से भव्य रथयात्राएं निकाली गईं। “जय जगन्नाथ” के उद्घोष, शंख, मृदंग और हरिनाम संकीर्तन के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर महाप्रभु को मौसीबाड़ी तक पहुंचाया।

इस्कॉन की रथयात्रा इस वर्ष सबसे बड़ा आकर्षण रही। आंध्र भक्त श्रीराम मंदिर से निकली यात्रा शाम 5.30 बजे शुरू हुई और करीब चार घंटे में 4.7 किलोमीटर की दूरी तय कर मौसीबाड़ी पहुंची। मायापुर से आई कीर्तन मंडली और पहली बार शामिल हुई रामगढ़ की 51 सदस्यीय बैंड पार्टी ने पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए रथ खींचते रहे।
रथयात्रा शुरू होने से पहले हुई तेज बारिश ने कुछ देर के लिए तैयारियों को प्रभावित जरूर किया, लेकिन बारिश थमते ही श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया। भीगी सड़कों पर भी हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।
साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन की पारंपरिक रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक ही रथ पर विराजमान होकर मौसीबाड़ी पहुंचे। यात्रा की शुरुआत डॉ. अशोक कुमार महापात्रा ने पारंपरिक छेरा पहाड़ा की रस्म निभाकर की। इस दौरान पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी पहुंचकर प्रभु का आशीर्वाद लिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने सेवा व्यवस्था संभाली।

बेल्डीह नागा मंदिर से निकली रथयात्रा तुलसी मंदिर (मौसीबाड़ी) तक पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई। वहीं नामदा बस्ती कालीबाड़ी में पारंपरिक छर पहनरा की रस्म निभाई गई और रथयात्रा टीनप्लेट कालीबाड़ी स्थित मौसीबाड़ी पहुंचकर संपन्न हुई।
भुइयांडीह स्थित श्री जगन्नाथ रथयात्रा समिति की ओर से निकली गुंडीचा रथयात्रा भी श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। ह्युम पाइप बस्ती से शुरू हुई यात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए निर्मल नगर स्थित मौसीबाड़ी पहुंची। इस यात्रा की विशेषता यह रही कि माता सुभद्रा का रथ केवल महिला श्रद्धालुओं ने खींचा।
कदमा के रानीकुदर में महिलाओं ने भक्ति की कमान संभाली। श्याम प्रिया सखी के नेतृत्व में महिलाओं ने पूजा-अर्चना, हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, भक्तिमय नृत्य और महाप्रसाद वितरण की जिम्मेदारी निभाई। बच्चों और महिलाओं के सहयोग से तैयार रथ ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
मानगो स्थित बड़ा हनुमान मंदिर से निकली इस्कॉन रथयात्रा के शुभारंभ पर मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पारंपरिक छेरा पहाड़ा की रस्म निभाई। इसके बाद रथ राजस्थान भवन स्थित मौसीबाड़ी पहुंचा।
रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ और निजी वाहनों की वजह से शहर के कई प्रमुख चौराहों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने अतिरिक्त बल की तैनाती कर स्थिति को जल्द सामान्य कर दिया।
रथयात्रा के प्रमुख आकर्षण
इस्कॉन की यात्रा में पहली बार रामगढ़ की 51 सदस्यीय बैंड पार्टी शामिल हुई।
भुइयांडीह में माता सुभद्रा का रथ केवल महिलाओं ने खींचा।
बिष्टुपुर में नन्हें कान्हा की झांकी और लड्डू वितरण आकर्षण का केंद्र रहा।
उत्कल एसोसिएशन में महिला समिति के बच्चों ने भगवान जगन्नाथ पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया।
मानगो बड़ा हनुमान मंदिर की रथयात्रा में राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

