विधायक संजीव सरदार को बदनाम करने की रची जा रही है साजिश
स्थानीय गिरोह नाम का दुरुपयोग कर रहा है, अवैध कारोबार से लेकर वसूली तक में हो रहा उपयोग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका, 1 जुलाई:
पोटका विधानसभा क्षेत्र के युवा और सक्रिय विधायक संजीव सरदार को बदनाम करने की साजिशें लगातार सामने आ रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, एक संगठित गिरोह न केवल विधायक के नाम का दुरुपयोग कर रहा है, बल्कि उसके जरिए अवैध गतिविधियों से लेकर वसूली तक का जाल बिछाया जा रहा है। इस गिरोह में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो विधायक के नज़दीकी होने का दावा करते हैं, जबकि वास्तव में विधायक ने न तो उन्हें कभी प्रश्रय दिया है और न ही उन्हें पसंद करते हैं।

विकास कार्यों में अग्रणी हैं संजीव सरदार
पोटका को विकासशील विधानसभा के रूप में स्थापित करने की दिशा में विधायक संजीव सरदार का योगदान सराहनीय रहा है। वे छोटे से छोटे मुद्दे पर भी जनता के बीच पहुंचते हैं और राज्य के सबसे सक्रिय विधायकों में उनकी गिनती होती है। जनता में उन्हें “युवा तुर्क” के रूप में जाना जाता है।
गिरोह का खेल: अवैध वसूली, हब्बा डब्बा और जमीन कब्जा

सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह थाना क्षेत्रों में अवैध हब्बा डब्बा (जुआ) का संचालन करता है, पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों के तबादलों के नाम पर धन वसूलता है, और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करवाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि पोटका थाना से महज एक किलोमीटर की दूरी पर चार दिनों तक दिनदहाड़े जुआ खेल चलता रहा, जैसे कि उसे किसी आधिकारिक अनुमति प्राप्त हो।

जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के केन्दडीह में एक रथयात्रा के दौरान भी इस गिरोह ने विधायक के नाम का सहारा लेकर हब्बा डब्बा का आयोजन कराया, जबकि थाना प्रभारी ने इसके लिए अनुमति नहीं दी थी। खेल संचालक ने बताया कि आयोजन के लिए ₹15,000 की वसूली की गई, जिसे गिरोह के एक सदस्य ने विधायक का नाम लेकर वसूला।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग, छवि को नुकसान

गिरोह के सदस्य विधायक के साथ ली गई तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर अपने प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। इसके सहारे वे वसूली से लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। कई स्थानीय लोगों ने इस संबंध में शिकायतें भी दर्ज कराई हैं और विधायक की नाराजगी भी अब सामने आने लगी है।
आगाह करने के बावजूद बदस्तूर जारी है दलाली
विधायक संजीव सरदार ने क्षेत्र में दलाली प्रथा को खत्म करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, लेकिन गिरोह द्वारा उनके नाम पर की जा रही हरकतें उनके प्रयासों को धक्का पहुंचा रही हैं। क्षेत्र में अवैध परिवहन, ज़मीन कब्जा और प्रशासनिक हस्तक्षेप जैसे कई मामलों में इस गिरोह की संलिप्तता की बात कही जा रही है।

स्थिति चिंताजनक, कार्रवाई जरूरी
यदि विधायक द्वारा शीघ्र और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गिरोह उनके राजनीतिक भविष्य और जनविश्वास दोनों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि संजीव सरदार इन नामर्द गिरोहों पर क्या कदम उठाते हैं और अपने नाम को ऐसे तत्वों से कैसे सुरक्षित रखते हैं।


