सोना देवी स्मृति नेत्र शिविर में सेवा और संवेदना का संगम, विधायक सरयू राय ने कहा—माता-पिता की सेवा सबसे बड़ी साधना
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर, 26 जनवरी। अपने माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा सेवा कार्य है और उसी भाव को समाज के जरूरतमंदों में देखना इस नेत्र शिविर का मूल उद्देश्य है। जब माता के देहांत के बाद प्रभाकर सिंह ने मातृ-पितृ स्वरूप लोगों की सेवा को अपना संकल्प बनाया, तो यह कार्य और भी प्रेरणादायी बन गया। ऐसे सेवा कार्य करने वालों पर सदैव ईश्वर की कृपा और सेवा पाने वालों की शुभेच्छा बनी रहती है।

उक्त बातें जमशेदपुर पश्चिम के विधायक श्री सरयू राय ने स्वर्गीय सोना देवी की स्मृति में सोना देवी मेमोरियल एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट एवं सोना देवी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नेत्र शिविर के समापन सह विदाई समारोह में कही। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जिन मूल्यों और कार्यों के लिए समाज को प्रेरित करते थे, उनका जीवंत स्वरूप राम मनोहर लोहिया सेवा संस्थान है, जहां समाज के सबसे पिछड़े और निम्न आय वर्ग के लोगों की निःस्वार्थ सेवा की जाती है।
इस अवसर पर विधायक सरयू राय ने शिविर संयोजक प्रभाकर सिंह, समाजसेवी बॉबी सिंह, रेड क्रॉस सोसाइटी पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह, डॉ. बी. पी. सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों के साथ नेत्र रोगियों को चश्मा पहनाया, दवाइयां दीं तथा उपहार स्वरूप प्रत्येक मरीज को एक-एक कंबल और नाश्ता पैकेट प्रदान किया।
इससे पूर्व नेत्र चिकित्सक डॉ. बी. पी. सिंह एवं उनकी चिकित्सीय टीम द्वारा ऑपरेशन कराए गए 36 नेत्र रोगियों की आंखों की पट्टी खोलकर अंतिम जांच की गई। इसके बाद कार्यकर्ता श्याम कुमार ने ऑपरेशन के पश्चात आंखों की देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी मरीजों को दी।
कार्यक्रम की स्मृतियों को संजोने के लिए सोना देवी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रभाकर सिंह ने विधायक सरयू राय को सोना देवी यूनिवर्सिटी का स्मृति चिन्ह भेंट किया, वहीं डॉ. बी. पी. सिंह ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी पूर्वी सिंहभूम के वरीय सदस्य चंद्रमोहन सिंह, राकेश मिश्र, प्रभुनाथ सिंह, अशोक सिंह, अशोक कुमार घोषाल के साथ कार्यकर्ता श्याम कुमार, प्रकाश मिश्र, राजू बिंद, सुनील कुमार सिंह, प्रकाशभानु महतो सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रभाकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ उन्हें विदा किया।

