जिन्होने जल, जंगल और जमीन की रक्षा की है, अब हमारी जिम्मेवारी है कि हम उनके लिए कुछ करें:हरिवल्लभ सिंह आरसी
जमशेदपुर, 17 जुलाई। समाज के जिन वर्गों के उत्थान की आवश्यकता है, ऐसे वर्ग से अगर युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं तो उन्हें प्रोत्साहित, सम्मानित और सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है जो कार्य के. के. एजुकेशन फाउण्डेशन ट्रस्ट एवं उनके अध्यक्ष विकास सिंह के द्वारा किया जा रहे हैं,
वह इस क्षेत्र मे एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होने कहा कि जिन्होने जल, जंगल और जमीन की रक्षा की है, अब हमारी जिम्मेवारी है कि हम उनके लिए कुछ करें। उक्त विचार जाने माने समाजसेवी, शिक्षाविद् तथा श्रीकृष्ण सिंहा संस्थान के संस्थापक सचिव श्री हरिवल्लभ सिंह आरसी ने यहां साकची स्थित रेड क्रॉस भवन में आदिम जनजाति सबर एवं बिरहोर के 70 वैसे बच्चे जिन्होने इस वर्ष 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है तथा
वैसे बच्चे जो आगे बढ़कर तकनीकी डिप्लोमा प्राप्त किये हैं, उन्हें सम्मान देने के कार्यक्रम में व्यक्त किया। आदिम जनजाति कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती रानी सबरी ने के. के. फाउण्डेशन के अध्यक्ष व आदिम जनजाति कल्याण समिति के संरक्षक विकास सिंह के प्रति अपने समाज की भावनाओं की व्यक्त करते हुए कहा कि इस समाज के लिए विकास सिंह ने हर समय अपने हांथ खुले रखे हैं, इन्होने शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में ही नहीं प्रत्येक व्यक्ति की निजी जरूरतों के लिए भी मदद का हांथ बढाया है।
इस अवसर पर गुड़ाबान्धा प्रखण्ड की प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुश्री स्मिता नागेशिया ने उपस्थित बच्चों को के. के. फाउण्डेशन की ओर से मेडल व आगे पढ़ने के लिए सहयोग राशि प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है, उन्होने कहा कि जो बच्चे आज पढ़ रहे हैं, वही बच्चे अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए नया कुछ कर सकते हैं, उनके जीवन में बदलाव ला सकते हैं, उन्होने कहा कि प्रतिकुल परिस्थिति में भी आगे बढ़कर एक मुकाम हासिल करने का लक्ष्य रखे और अपने समाज को एक नयी दिशा दें ताकि समाज की मुख्यधारा में यह समाज भी आ सके।
उन्होने कहा कि सरकार की अनेकों योजनाएं आदिम जनजाति के लिए हैं, लेकिन उसका लाभ भी वहीं उठा पाते हैं जो शिक्षित है, जिनकी पहचान हो पाती है, इसलिए इस समाज को आगे आना होगा, और ये कार्य शिक्षित युवक युवतियों के माध्यम से ही सम्भव है। उन्होने सभी से अपेक्षा किया कि वे अपने समाज के लिए अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे और समाज को मुख्यधारा से जोंड़ेंगे। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाईटी,
पूर्वी सिंहभूम पूरी ताकत के साथ इस समाज के साथ खड़ा है, हमारा प्रयास होगा कि वे आगे समाज की मुख्यधारा से जुड़े। कार्यक्रम में आदिम जनजाति कल्याण समिति के उमापदो ने कहा कि आज बहुत सारी योजनाएं आदिम जनजातियों के कल्याण के लिए हैं लेकिन हमारे समाज में वैसे सक्षम युवक युवती भी नहीं है जो इसका लाभ उठा पायें, क्योंकि या तो शिक्षा की कमी है या हम उससे दूर रहना चाहते हैं। उन्होने कहा कि पढ़े लिखे युवा इस समाज की रीढ़ है, उन्हें अपने समाज को दिशा देनी है। कार्यक्रम में उपस्थित जमशेदपुर ब्लड बैंक के प्रशासक श्री संजय चौधरी ने कहा कि जमशेदपुर ब्लड बैंक में आदिम सबर जनजाति से रक्त के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता और न ही रिप्लेसमेंट, उन्होने कहा कि इस समाज के विकास के लिए हम सभी साथ खड़े हैं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे के. के. एजुकेशनल फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष व रेड क्रॉस सोसाईटी के उपाध्यक्ष विकास सिंह ने भावुक स्वर में कहा कि आदिम जनजाति के उत्थान के लिए उनके माता-पिता ने कार्य शुरु किया था, जिसे लेकर वे आगे बढ़ रहे हैं, उन्होने कहा कि वे और उनका ट्रस्ट इस समाज के उत्थान के लिए सदैव तत्पर है। आज 10वीं, 12वीं तथा डिप्लोमा धारी 70
आदिम जनजाति युवक युवतियों को मेडल व आगे की पढ़ाई के लिए सहयोग राशि प्रदान करते हुए उन्होने सभी से संकल्प लिया कि वे अपनी पढ़ाई अपने समाज के लिए जारी रखेंगें तथा हर युवा अपने समाज व क्षेत्र के पांच युवाओं को पढ़ने लिखने में प्रोत्साहित करेंगे ताकि इस समाज की दिशा और दशा बदल सकें। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से रेड क्रॉस के सक्रिय कार्यकर्ता श्री राकेश मिश्र ने किया, अंत में धन्यवाद ज्ञापन रेड क्रॉस के श्री प्रभुनाथ सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान के. के. एजुकेशनल फाउण्डेशन ट्रस्ट की संरक्षक श्रीमती उर्मिला सिंह, श्रीमती रश्मि सिंह, आशीष अग्रवाल, गौरव सिंह, आदिम जनजाति परिवार के युवा छात्र छात्र व उनके अभिभावक शामिल हुए।

