Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » नो मेंस लैंड पर नेपालियों ने जमीन पर किया कब्जा, बैरिकेडिंग कर लगाये धार्मिक झंडे
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    नो मेंस लैंड पर नेपालियों ने जमीन पर किया कब्जा, बैरिकेडिंग कर लगाये धार्मिक झंडे

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 30, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. भारत-नेपाल बॉर्डर के भिखनाठोरी में नो मेंस लैंड पर नेपालियों ने जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। नेपाली क्षेत्र के सीताखोला के पास नो मेंस लैंड पर बैरिकेडिंग कर झंडे लगा दिये गए हैं। नेपाल के पूर्व पीएम केपी ओली ने जुलाई 2020 में बयान दिया था कि भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ था। उन्होंने दावा किया था कि जिस अयोध्या में राम का जन्म हुआ था वह वीरगंज के पश्चिम में स्थित गांव ठोरी है।

    उन्होंने यहां मंदिर बनवाने की घोषणा भी की थी। इससे ठोरी का सीतखोला सुर्खियों में आ गया। लोग यहां पूजा-पाठ करने लगे। माना जा रहा है कि स्थानीय लोग पिलर संख्या-436 के समीप सीताखोला के पास मंदिर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। नो मेंस लैंड पर अतिक्रमण की खुफिया सूचना के बाद पश्चिमी चंपारण के नरकटियागंज एसडीएम धनंजय कुमार अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
    उन्होंने नेपाली अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिक्रमण हटवाया। एसडीएम ने शुक्रवार को बताया कि पिलर संख्या-436 के पास बैरिकेडिंग कर कुछ धार्मिक झंडे-बैनर आदि लगाये गए थे। नेपाली अधिकारियों से बातचीत कर नो मेंस लैंड से अतिक्रमण हटवाया गया है। एसएसबी के जवान बॉर्डर पर लगातार नजर बनाये हुए हैं। भिखनाठोरी बॉर्डर पर कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है। दोनों देशों के लोगों के बीच कई बार मामला मारपीट तक पहुंच चुका है। वर्ष 2005-06 में भी यहां विवाद हुआ था। पिलर संख्या-483 के बगल में नेपालियों ने एसएसबी का कैंप नहीं बनने दिया था। कैंप वाले स्थल पर माओवादियों ने रातोंरात नेपाली झंडे लगा दिए थे। पैमाइश के लिए दोनों देशों की सर्वे टीम बुलानी पड़ी थी। पानी को लेकर भी यहां कई बार विवाद हो चुका है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleदिल्ली में हुआ कोरोना विस्फोट, देश में आए संक्रमण के 3688 नए केस और 50 की मौत
    Next Article बिजली कटौती को लेकर पी चिदंबरम का केंद्र सरकार पर तंज- मोदी है तो मुमकिन है

    Related Posts

    पानी की समस्या: चैनत में आंदोलन, जातिवाद की चुनौती

    June 22, 2026

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    June 22, 2026

    एकल व्याख्यान: भारतीय ज्ञान मीमांसा के विविध आयाम

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पानी की समस्या: चैनत में आंदोलन, जातिवाद की चुनौती

    NEET UG पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा: 30+ गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    एकल व्याख्यान: भारतीय ज्ञान मीमांसा के विविध आयाम

    अंबरनाथ पुलिस मानवीय चेहरा: NEET छात्रा का भविष्य संवारा

    पेट्रोल की गुणवत्ता जांच की मांग को लेकर जदयू ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    मानवाधिकार सहयोग संघ भारत की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर

    युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

    कॉलेजियम व्यवस्था: न्यायिक मर्यादा और पारदर्शिता का संतुलन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.