Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » इनसे हैं हम का लोकार्पण समारोह सम्पन्न
    Breaking News शिक्षा साहित्य

    इनसे हैं हम का लोकार्पण समारोह सम्पन्न

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 6, 2022No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    इनसे हैं हम का लोकार्पण समारोह सम्पन्न

    शुक्रवार को बिस्टुपुर जमशेदपुर स्थित डॉ श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान के सभागार में जन-जन की प्रिय पुस्तक ,*इनसे हैं हम* का विमोचन मुख्य अतिथि अरका जैन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अंगद तिवारी एवं उपस्थित पदाधिकारियों/अतिथियों के द्वारा किया गया ।

    स्वागत भाषण में संस्था के संरक्षक एवं इस पुस्तक के प्रेरणा स्रोत श्री राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि *इनसे हैं हम* पुस्तक में भारत के विभिन्न प्रांतों के 51 प्रतिनिधि लेखकों ने राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देने वाले 51 महान विभूतियों पर लिखा है । पुस्तक में अनेक प्रांतों के महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों पर लिखा गया है । यह पुस्तक अपने आप में अद्वितीय है ।

    मुख्य अतिथि डॉ अंगद तिवारी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं इस पुस्तक के संपादक एवं सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं । हमारे समाज में दो तरह के लोग रहते है एक जो अपने लिए व अपने परिवार के लिए जीते हैं लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो अपनों के साथ साथ समाज खासकर भविष्य को देखते हुए अपने देश के लिए जीते हैं । इस पुस्तक में उन तमाम देशभक्तों , वीरांगनाओं का चित्रण बड़ा ही प्रेरणादायक है । झांसी की रानी लक्ष्मीबाई , महारानी अहिल्याबाई , बंकिम चंद्र चटर्जी , महाराणा प्रताप , गुरु गोविंद सिंह , मंगल पांडे , श्यामा प्रसाद मुखर्जी कितने देशभक्त है जिसे समाज ने या तो उन्हें कम करके दिखाया या बहुत लोग ऐसे हैं जो इन सबको भुलाने की कोशिश किये लेकिन इस पुस्तक में लेखकों ने जो अपने प्रयास से उन तमाम लोगों को जिसने देश व समाज के लिए अपनी कुर्बानिया दी है , उन सभी को इस पुस्तक स्थान दिया गया है । पुस्तक में 51 ऐसे वीरों का वर्णन है जिसे हम कभी भी भुला नहीं सकते क्योंकि उनके सहयोग से ही देश को आगे बढ़ाने में एवं आजाद कराने में सफलता मिली है ।
    कहा कि हम चाहेंगे इस पुस्तक को अधिक से अधिक लोग पढ़े और उन बच्चों तक पहुंचाए जिन्हें इन महापुरुषों को कभी पढ़ने का मौका नही मिला , उन्हें दे और पढ़ाएं ।

    इसके पूर्व संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने कहा कि जिस प्रकार भगत सिंह ने सेंट्रल असेंबली में बम धमाका कर पूरे देश को जगाने का काम किया था उसी प्रकार यह पुस्तक *इनसे हैं हम* विचारों का धमाका कर पूरे देशवासियों को जगाने का काम करेगी ।
    कहा कि यह पुस्तक पूरे देश के साथ-साथ विदेशों में भी लोकप्रिय होती जा रही है ।
    विदेशों में सिंगापुर , युगांडा , पोलैंड एवं संयुक्त राज्य अमेरिका से भी पुस्तक की मांग मिली है ।

    कहा कि इस पुस्तक की एक विशेषता और भी है कि इसमें दो तिहाई भागीदारी महिलाओं की है और पूर्वोत्तर के कई लेखकों ने भी अपनी रचनाएं इसमें दी है । इस प्रकार यह पुस्तक सम्पूर्ण देश के लिए शुभ संकेत है ।

    समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध नदी एवं पर्यावरण विशेषज्ञ श्री दिनेश कुमार मिश्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह पुस्तक आज के संदर्भ में बहुत मायने रखती है ।
    इस प्रकार की पुस्तकों से देशवासियों को जगाने का काम हो सकेगा । आज आवश्यकता है कि ऐसी पुस्तकें आए जिनसे भावी पीढ़ी एवं वर्तमान की पीढ़ी भी अपने पूर्व के महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों को ठीक प्रकार से जान सके ।

    कार्यक्रम का संचालन संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने किया ।
    धन्यवाद ज्ञापन संस्था के विशेष सलाहकार श्री प्रकाश मेहता ने किया ।

    इस विमोचन कार्यक्रम में शहर के गणमान्य व्यक्तियों सहित शहर के अनेक साहित्यकार बंधु उपस्थित थे जिनमें प्रमुख रूप से श्री पोद्दार के अलावे राजेंद्र कुमार अग्रवाल , डॉ अंगद तिवारी , दिनेश कुमार मिश्र , प्रकाश मेहता , सबिता ठाकुर दीप , पूनम मेहता , सुजाता सिंह , अजीत सिंह , बसंत कुमार सिंह , इंद्रदेव प्रसाद , बसंत कुमार सिंह , रामचंद्र राव , संतोष गनेड़ीवाला , प्रमोद खीरवाल , प्रतिभा प्रसाद , विजय नारायण सिंह , नीलिमा पांडेय , अनिता सिंह , अशोक पाठक स्नेही , प्रसाद जी , सबिता ठाकुर दीप , डॉ संजय पाठक स्नेही , जितेश तिवारी , कवलेश्वर पांडेय , यमुना तिवारी व्यथित , श्याम सुंदर मिश्रा , पिंकी देवी , अश्विनी कुमार प्रसाद , उपासना सिन्हा , विजय कनौजिया , सनत कुमार आदि के नाम सम्मिलित हैं ।

    यह जानकारी भारतीय जन महासभा के द्वारा जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गयी है ।

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबरेली में लव जेहाद का मामला आया सामने, पहचान छुपाकर रफत नाम के युवक ने गैर धर्म की युवती से किया प्रेमविवाह, मुकदमा दर्ज
    Next Article सेवा ही लक्ष्य है के तहत लोक आस्था व सूर्य उपासना का महापर्व के अवसर पर यात्रा संस्था द्वार कैंप लगा कर छठ व्रतियो के बीच पूजा सामग्री वितरण किया गया

    Related Posts

    छात्रों का आत्मघात: सपनों का बोझ या सिस्टम की नाकामी | राष्ट्र संवाद

    April 27, 2026

    विश्व इच्छा दिवस 2026: आशा और मानवीय संवेदनाओं का उत्सव | राष्ट्र संवाद

    April 27, 2026

    हारे का सहारा: खाटूश्याम और सालासर बालाजी दर्शन | राष्ट्र संवाद

    April 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    2 करोड़ की चारदीवारी बरसात में ढही, यूसील कॉलोनी की सुरक्षा पर संकट, घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप तेज

    भीषण गर्मी में यूसील अस्पताल की बदहाली उजागर, एसी-कूलर खराब, दवा संकट और डॉक्टरों की भारी कमी से मरीज बेहाल

    NIT जमशेदपुर में M.Des प्रवेश प्रक्रिया शुरू: CEED के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर मौका, IIT बॉम्बे से समझौते से बढ़ी गुणवत्ता

    करीम सिटी कॉलेज में पीजी शुरू करने की तैयारी तेज, अर्थशास्त्र व इतिहास विभाग का हुआ निरीक्षण

    स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती, जिले में स्कूल बसों की जांच तेज, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

    मिस इंडिया 2026 श्रेया अधरजी ने अर्जुन मुंडा से की मुलाकात, गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया झारखंड का मान

    महोबा बीजेपी जिलाध्यक्ष पर पद के बदले ‘शारीरिक संबंध’ का आरोप | राष्ट्र संवाद

    छात्रों का आत्मघात: सपनों का बोझ या सिस्टम की नाकामी | राष्ट्र संवाद

    विश्व इच्छा दिवस 2026: आशा और मानवीय संवेदनाओं का उत्सव | राष्ट्र संवाद

    हारे का सहारा: खाटूश्याम और सालासर बालाजी दर्शन | राष्ट्र संवाद

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.