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    Home » तो साल 2100 तक गल जाएंगे दुनिया के आधे हैरिटेज ग्लेशियर
    Breaking News संवाद विशेष

    तो साल 2100 तक गल जाएंगे दुनिया के आधे हैरिटेज ग्लेशियर

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 4, 2019No Comments2 Mins Read
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    जिनेवा: दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ता जा रहा है और आने वाले समय में इसके और भी भयानक होने की संभावनाएं हैं. एक नई अध्ययन रिपोर्ट के बाद दुनिया भर में बढ़ते तापमान को लेकर नई चेतावनी जारी की गई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर दुनिया का तापमान मौजूदा रफ्तार से बढ़ता रहा तो सन 2100 तक विश्व के आधे हैरिटेज ग्लेशियर पिघल जाएंगे. इससे अनेक प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं आएंगी. पीने के पानी का संकट पैदा होगा, समुद्र का जलस्तर बढ़ेगा और मौसम में भी परिवर्तन हो सकता है.यहां तक कि इस आपदा की चपेट में आकर हिमालय का खुम्भू ग्लेशियर भी खत्म हो सकता है.‘इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर’ यानी आईयूसीएन द्वारा किए गए इस अध्ययन को लेकर दुनिया का पहला शोध माना गया है. इस रिसर्च में शामिल वैज्ञानिकों के अनुसार, स्विट्जरलैंड के मशहूर ग्रोसर एल्चेस्टर और ग्रीनलैंड के जैकबशावन आईब्रेस भी खतरे में आ जाएंगे.अध्ययन के लिए ग्लोबल ग्लेशियर इन्वेंट्री डेटा के अलावा कंप्यूटर मॉडल की भी मदद ली गई. इनके जरिए वर्तमान स्थितियों का आकलन किया गया. शोध पत्र में कहा गया है कि अगर तापमान वृद्धि और कार्बन उत्सर्जन मौजूदा दर से होता रहा तो सन 2100 तक 46 प्राकृतिक ग्लेशियरों में से 21 हैरिटेज खत्म हो जाएंगे. रिसर्च के मुताबिक, अगर उत्सर्जन कम भी होता है तो इनमें से आठ को बचाना मुश्किल होगा.

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