Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » खाद की भारी कमी से किसान परेशा
    Uncategorized

    खाद की भारी कमी से किसान परेशा

    Begusarai SamvadBy Begusarai SamvadDecember 2, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    रतन कुमार की रिपोर्ट

    खुटौना (मधुबनी)। गेहूं की बुआई के मौसम में खाद की भारी कमी से किसान परेशान हैं। बुआई में डीएपी, यूरिया और पोटाश डालना जरूरी होता है। लेकिन नवंबर के बीच से ही दुकानों से खाद गायब हो चुकी है। रोज किसानों को दुकानों का चक्कर लगाना पड़ता है लेकिन फिर भी खाद हाथ नहीं आती। बुआई के लिए खेत तैयार होने के बावजूद खाद नहीं मिलने से वे मायूस हैं। पारस कंपनी का डीएपी एवं आईपीएल का यूरिया और पोटाश क्वालिटी में बेहतर माना जाता है। लेकिन इन खादों के उपलब्ध नहीं रहने से किसानों के सामने भारी समस्या है। उधर खाद की कालाबाजारी की भी जानकारी आ रही है। पारस का 1200 रुपये प्रति बोरा का डीएपी कालाबाजार में 2000 रुपये या अधिक दर पर, 600 रुपए प्रति बोरा का पोटाश 1150 रुपए और 260 रुपये प्रति बोरा का यूरिया 400 से 450 रुपये प्रति बोरा की दर से बिकने की चर्चा है। साथ ही अपुष्ट जानकारी के अनुसार नकली खाद की बिक्री भी हो रही है। परिस्थिति के हिसाब से नकली खाद की बिक्री से इनकार नहीं किया जा सकता है। माकपा जिला कमिटी सदस्य एवं खेमयू नेता उमेश घोष ने इस परिस्थिति के लिए व्यापारियों और अधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया है। उनका कहना है कि हर साल खरीफ तथा रबी बुआई के मौसम में ऐसी स्थिति बना दी जाती है। इससे जहां कालाबाजारी करनेवाले व्यापारी मालामाल हो जाते हैं वहीं किसान तंगहाल हो जाते हैं। नहरी के पूर्व मुखिया चन्द्र किशोर सल्हैता और शंभू सल्हैता खाद के अभाव में बुआई के रुके होने की बात बताते हैं तो दुर्गीपट्टी के किसुन मंडल तथा मझौरा के नारायणपुर के नारायण यादव के अनुसार किसान अब गेहूं की खेती छोड़ने का मन बना रहे हैं क्योंकि ब्लैक में खाद खरीदकर खेती करना नुकसान का सौदा होता है। प्रखंड के प्रभारी बीएओ शौकत अली एक सप्ताह में खाद के रैक लग जाने से स्थिति सामान्य होने का आश्वासन दे रहे हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसेल्फी कल्चर ने पत्रकारिता का कबाड़ा निकाला
    Next Article हेडलाइंस राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    1xbet Download App Guide: Install, Register & Play Safely

    November 5, 2026

    Comment installer 1xBet sur Android : ce qu’il faut savoir

    November 5, 2026

    Base APK 1xBet : aperçu et options

    November 5, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उतरेगी एसडीआरएफ, असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर

    छौड़ाही प्रखंड प्रमुख मनोज यादव का निर्वाचन रद्द,पद रिक्त

    अतरुआ चौक पर जलजमाव से नाराज ग्रामीणों ने चार घंटे तक किया सड़क जाम, सीओ के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना

    पेंशनर समाज के सचिव पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी गिरफ्तार

    बखरी में गूंजा युवाओं का हुंकार : “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ”

    विधायक अभिषेक आनंद ने किया स्वास्थ्य उपकेंद्र बरियारपुर पूर्वी का उद्घाटन

    विश्व में एकाकी अध्यात्म देश भारत है, जहां पर परिक्रमा के पग पग पर अश्वमेध यज्ञ — स्वामी चिदात्मन जी।

    संत जूड्स विद्यालय में दीपावली एवं छठ पूजा का भव्य सांस्कृतिक आयोजन

    सामूहिक खरीद-बिक्री से किसानों की बढ़ेगी ताकत, उपज का मिलेगा बेहतर मूल्य

    लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत भाजपा जमशेदपुर महानगर की विशाल जनजागरण पदयात्रा, दिग्गज नेत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.