बिहार के बेगूसराय जिले के मंसूरचक प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पटना के आदेशानुसार शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय मंसूरचक में रोगी कल्याण समिति का बैठक आहूत की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी रागिनी कुमारी ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड अंतर्गत संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और भविष्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना तैयार करना था।
रोगी कल्याण समिति का बैठक: स्वास्थ्य केंद्रों की गहन समीक्षा
पटना के आदेशानुसार रागिनी कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी मंसूरचक के अध्यक्षता में प्रखंड कार्यालय मंसूरचक में रोगी कल्याण समिति का बैठक आयोजित मंसूरचक बेगूसराय प्रखंड कार्यालय मंसूरचक में शुकवार को स्वास्थ्य विभाग, पटना के आदेशानुसार रागिनी कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी मंसूरचक के अध्यक्षता में प्रखंड कार्यालय मंसूरचक में रोगी कल्याण समिति का बैठक आहूत कि गई। उक्त बैठक मे डॉ विनय कुमार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मंसूरचक के उपस्थिति में मंसूरचक प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंसूरचक, एवं सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मंसूरचक प्रखंड अंतर्गत सभी हेल्थ वेलनेस सेंटर कि उत्तरोत्तर सुधार हेतु गहन समीक्षा कि गई।
रोगी कल्याण समिति एवं जन आरोग्य समिति के फंड से होंगे विकास कार्य
साथ ही सभी सेंटरों के रोगी कल्याण समिति एवं जन आरोग्य समिति मद से प्राप्त राशि से भवन का रंग-रोहण, मरम्मति, मरीज सुविधाएं, एवं सभी आवश्यक कार्य करने हेतु निर्णय लिया गया जिसका उद्देश्य मंसूरचक प्रखंड के लोगों को उच्च गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के भवन उपकरणों का रख रखाव एवं अस्पताल प्रबंधन को मरीजों के प्रति संवेदनशील बनाना है। इस कार्य हेतु स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार के द्वारा रोगी कल्याण समिति एवं जन आरोग्य समिति के खातों में राशि आवंटित की जायेगी।
मनरेगा के तहत होगा बुनियादी ढांचे का विकास
उपरोक्त कार्यों के अलावा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चारदीवारी का निर्माण, परिसर में मिट्टी भराई, परिसर का सौंदर्यीकरण एवं वृक्षारोपण की आवश्यकता होने पर इसकी सूची बनाकर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को भेजकर मनरेगा के माध्यम से कराने का प्रस्ताव लिया गया। यह जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंसूरचक के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सौरभ सुमन के द्वारा दिया गया। उक्त बैठक में सौरभ सुमन प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, राजेश कुमार प्रखंड लेखपाल एवं सभी रोगी कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित थे।

बैठक के निर्णयों का जमीनी स्तर पर प्रभाव
इस रोगी कल्याण समिति का बैठक लिए गए निर्णय मंसूरचक प्रखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंसूरचक समेत सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ वेलनेस सेंटर पर भवन मरम्मति, रंग-रोहण और मरीज सुविधाओं का विस्तार होने से ग्रामीण आबादी को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी। जन आरोग्य समिति के फंड का सदुपयोग कर अस्पताल प्रबंधन को संवेदनशील बनाने का लक्ष्य सराहनीय है।
विशेष रूप से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के अभिसरण से चारदीवारी निर्माण, मिट्टी भराई, सौंदर्यीकरण और वृक्षारोपण जैसे कार्य न केवल अस्पताल परिसर को सुरक्षित और सुंदर बनाएंगे, बल्कि स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी मुहैया कराएंगे। यह कदम बिहार सरकार की ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सौरभ सुमन ने बताया कि आवंटित राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ समयसीमा के भीतर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोगी कल्याण समिति और जन आरोग्य समिति को वित्तीय अधिकार देना विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इससे स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और समस्याओं के निदान में सुविधा होती है। मंसूरचक प्रखंड का यह मॉडल बेगूसराय जिले के अन्य प्रखंडों के लिए भी अनुकरणीय साबित हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए बिहार स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

