ईसीएल मुख्यालय आसनसोल ने आज़ादी के अमृत महोत्सव में कवयित्री सम्मेलन सपंन्न करवाकर नव आयाम गढ़ा
भारत में ही नहीं भारत के बाहर के भी कवयित्री सम्मेलनों के इतिहास में पहली बार आद्योपांत हर भूमिकाओं में (कवयित्रियाँ, श्रोताएँ, संचालिका, आयोजिका, साउंड सिस्टम नियन्त्री, विडियोग्राफर, फोटोग्राफर, जलपान वितरक, सुरक्षाकर्मी इत्यादि) नारी की ही उपस्थिति होने जैसा अद्भुत कार्यक्रम का सफलीभूत होना एक विश्व रिकार्ड स्थापित किया है।
आज दामोदर नदी के किनारे बसे हुए शहर और खनिज से पटी बंगाल की धरा का एक प्रमुख शहर आसनसोल का ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) में मिशन इंद्रधनुष की टीम तथा त्रिशक्ति महिला मण्डल के समर्पण का सुफल परिणाम था अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन। डॉ. रागिनी भूषण , डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. सोनरूपा विशाल, डॉ. सोनी सुगन्धा (संचालिका), डॉ. कविता तिवारी और डॉ. अंकिता सिंह के जोरदार प्रस्तुति द्वारा काव्य यात्रा अपनी ऊंचाईयों को छूते हुए आयोजन को गरिमामयी उत्सव का रूप प्रदान कर दिया।
त्रिशक्ति महिला मण्डल की अध्यक्षा व कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आदरणीया पूनम मिश्रा जी, मिशन इंद्रधनुष की टीम लीड व प्रबंधक (कार्मिक) श्रीमती भाविनी त्रिपाठी के साथ साथ कार्यक्रम समिति व्यवस्थापक यानि इस कार्यक्रम से जुड़े हर एक सदस्यों का आत्मीय अथक प्रयास सदा सराहनीय है। उस दौरान अध्यक्षीय विचारों से आदरणीया पूनम मिश्रा ने त्रिशक्ति महिला मण्डल की परिकल्पना गठन और उनके द्वारा कोविड काल में आपातकाल व्यवस्था और सुदूर देहाती क्षेत्रों में तन मन से समर्पित सेवा भावना के विषय में हमें अवगत कराते हुए कहा कि इस तरह की सेवा भावना समाज में दृष्टिगोचर होने से अच्छा छाप छोड़ती जाएंगी जिससे आस-पास के लोगों को अपने स्तर से सहायता प्राप्त हो सकेगा।

