निजाम खान की रिपोर्ट
जामताड़ा: आज शनिवार 5 जून को पूरे विश्व भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है|जगह-जगह सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थान में भी पौधारोपण किया जा रहा है|ताकि आने वाले दिनों में लोगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल सके |होना भी चाहिए क्योंकि यह दिवस पर्यावरण को लेकर के ही है|वृक्षारोपण होना अच्छी बात है| विश्व पर्यावरण दिवस के अलावा आम दिनों में भी पौधारोपण लोगों को करना चाहिए ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके| वही अभी वर्तमान परिस्थिति में कोरोना की जो दूसरी लहर चल रही है इसमें ज्यादातर लोगों को ऑक्सीजन की कमी की मार झेलना पड़ रहा है| ऐसे में कहीं न कहीं लोगों को ऑक्सीजन में भारी कमी महसूस होना प्रकृति के साथ खिलवाड़ ही माना जाएगा|लेकिन इन दिनों जामताड़ा जिला के कुंडहित थाना क्षेत्र में विभिन्न वन क्षेत्र में वनों की अवैध रूप से अंधाधुंध कटाई की जा रही है|बात बाबूपुर के जंगल की हो या फिर अमलादही पंचायत अंतर्गत पड़ने वाले जंगल की हो या फिर गड़जोड़ी पंचायत अंतर्गत पड़ने वाली जंगल की हो| बता दे कुंडहित थाना क्षेत्र के अमलादही पंचायत अंतर्गत कालिकापुर के समीप जंगल में कटे हुए पेड़ का निशान देखा गया तो वही बाबुपुर पंचायत अंतर्गत पाथरचुड़ जाने वाली जंगल में भी पेड़ों की कटाई का निशान देखा गया| सभी जगह पेड़ों की अंधाधुंध अवैध रूप से कटाई की जा रही है| एक तरफ जहां पेड़ों के लिए पौधारोपण किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पेड़ों की कटाई की जा रही है| यानी कहा जाए एक पेड़ लगाया जा रहा है तो सौ पेड़ काटा जा रहा है| ऐसे में हमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलने की सपना देखना बेकार साबित होने जैसा है|वनों की अंधाधुंध कटाई होना वन विभाग के उदासीनता रवैया कहने से इनकार नहीं किया जा सकता है |कहीं न कहीं वन विभाग की लापरवाही है ,वन विभाग की कमजोरी है या यूं कहें कुंडहित वन क्षेत्र के वन विभाग वनों को संरक्षण देने में असफल साबित हो रहे हैं| इस संबंध में रेंजर प्रीति कुमारी से कई बार संपर्क करने का कोशिश किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया |
क्या कहते हैं पूर्व कृषि मंत्री:वनों की कटाई के दो मुख्य कारण है|पहला वन विभाग सोया हुआ है|वन विभाग की उदासीनता रवैया है ,वन विभाग की बहुत बड़ी लापरवाही है |इसमें वन विभाग की गतिशीलता नहीं है|कोई धरपकड़ नहीं है |और दूसरा सबसे बड़ा कारण जो है व है स्थानीय पुलिस प्रशासन की मिलीभगत| पुलिस रात में माफियाओं से पैसे लेकर संरक्षण देती है और माफिया अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर दूसरे जगह पश्चिम बंगाल इत्यादि जगह पर खपाते हैं| इससे पुलिस व वन विभाग को मोटी रकम प्राप्त होती है |इसकी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए| चिन्हित कर दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए|
सत्यानंद झा उर्फ बाटुल ,पूर्व कृषि मंत्री ,सह नाला विधानसभा से भाजपा के वरिष्ठ नेता|
क्या कहते हैं भाकपा जिला सचिव: अभी वर्तमान समय में कोरोना का जो दूसरा लहर चल रहा है इसमें लोगों को ऑक्सीजन की कमी महसूस हो रही है |पेड़ों की कटाई नहीं होना चाहिए| वन विभाग को पूर्ण रूप से वनों के संरक्षण करने की आवश्यकता है| ताकि वनों की कटाई नहीं हो|
कन्हाई चंद्र माल पहाड़िया, भाकपा जिला सचिव सह नाला विधानसभा से भाकपा के कद्दावर नेता|
क्या कहते हैं आजसू नेता: विश्व पर्यावरण दिवस बढ़ता हुआ आबादी के बोझ से और कार्बन के उत्सर्जन को बचाने के लिए पूरे विश्व में इसको मनाने का संकल्प लिया था |लेकिन आज भारत जैसे विकासशील देशों के लिए जहां आबादी अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहा है |हर साल इसको तो मनाया जाता है| लेकिन एक तरफ पौधारोपण भी होता है तो वहीं दूसरी ओर पेड़ की कटाई भी अनवरत चल रहा है| ऐसी स्थिति में मैं शासन व समाज से अनुरोध करना चाहूंगा कि वक्त का एक तरह से यह पुकार है |हम पौधे लगाए भी तथा बचाएं भी| कुंडहित वन विभाग से भी कहना चाहूंगा कि पेड़ के संरक्षण में कोई कमी नहीं होना चाहिए| पेड़ कटाई पर पूर्णत: रोक होनी चाहिए|
माधव चंद्र महतो ,नाला विधानसभा से आजसू के कद्दावर नेता|
क्या कहते हैं थाना प्रभारी: कुंडहित थाना के थाना प्रभारी दीपक कुमार ठाकुर से जब संवाददाता ने पूर्व कृषि मंत्री सत्यानंद झा उर्फ बाटुल द्वारा लगाए गए स्थानीय पुलिस प्रशासन पर वन माफियाओं से पैसे लेकर संरक्षण देने कि आरोपों के बारे में पुछा तो इसमें थाना प्रभारी किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया|

