Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » रवींद्र पांडेय और ढुल्लू महतो की तकरार में आजसू के खाते में गई गिरिडीह लोस सीट
    Breaking News Headlines झारखंड राजनीति

    रवींद्र पांडेय और ढुल्लू महतो की तकरार में आजसू के खाते में गई गिरिडीह लोस सीट

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 11, 2019No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राजनीति में कोई सूर्यास्त नहीं होता, जहां फुल स्टॉप दिखता है वहीं से राजनीति शुरू होती है : रवींद्र पांडेय
    रांची: आजसू पार्टी लोकसभा की कई सीटों पर दावेदारी कर रही थी। उनमें हजारीबाग की सीट पर उसकी पहली नजर थी। लेकिन गिरिडीह की सीट आजसू पार्टी के खाते में गयी। इसे भाजपा के दो कद्दावर नेताओं के बीच पिछले काफी दिनों से जारी जंग का परिणाम भी बताया जा रहा है। यह समझौता दोनों ही दलों के लिए हितकर समझा जा रहा है। भाजपा को राज्य के महतो वोटरों को साधने के लिए आजसू का साथ मिला तो आजसू पहली बार गठबंधन में एक लोकसभा सीट मिलने से वैसे ही खुश है। अब दोनों ही दलों के लिए चुनौती भर इतनी है कि अपने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को शांत रखना। पांच बार के सांसद रवींद्र पांडेय ने पार्टी के इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग भी कर दी है। उन्होंने कहा है कि गिरिडीह की सीट आजसू के खाते में जाने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। फैसले से पूर्व उनसे राय भी नहीं ली गई। 30 वर्षों से वे पार्टी की सेवा कर रहे हैं। इसका क्या मुझे यही फल मिला है? राजनीति में यह सब होता रहता है। अगर बात होती तो वे यह सीट छोड़ देते। यह पूछने पर क्या विधायक ढुल्लू महतो के साथ विवाद के कारण केंद्रीय नेतृत्व को यह फैसला लेना पड़ा? इसपर पांडेय ने कहा – इसमें कोई दम नहीं है। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री सरयू राय का विवाद जगजाहिर है पर पार्टी ने कहां कुछ किया। राजनीति में कोई सगा नहीं होता है। जो दिखता है, वह होता नहीं है। 2019 का लोकसभा चुनाव रवींद्र पांडेय लड़ेंगे या नहीं….? इस पर उन्होंने कहा- राजनीति में न तो कभी सूर्यास्त होता है और नहीं ही फुल स्टाॅप। जहां पर फुल स्टाॅप दिखता है, वहीं से राजनीति शुरू होती है।

    ढुल्लू ने कहा- पार्टी के फैसले पर कुछ नहीं कहना
    इधर, विधायक ढुल्लू महतो का यह कहना कि-पार्टी के फैसले पर उन्हें कुछ नहीं कहना है, राजनीतिक बयान दे दिया है। हालांकि ढुल्लू महतो के चुप बैठने की संभावना भी कम जतायी जा रही है। उनके द्वारा कोई भी अप्रत्याशित कदम उठाये जाने से इसलिए भी इंकार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि वह पार्टी कैडर के बदले अपने कैडर पर चुनाव जीतने में विश्वास करते हैं।

    विस चुनाव में भी भाजपा-आजसू गठबंधन के बढ़े अासार
    लोकसभा चुनाव में आजसू पार्टी और भाजपा के बीच गठबंधन के बाद अब 2019 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों के बीच गठबंधन के आसार बढ़ गये हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में आजसू और भाजपा के बीच गठबंधन में आजसू पार्टी को सिर्फ आठ सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। लेकिन अब आजसू पार्टी ज्यादा सीटों की मांग करेगी।

    गिरिडीह से कौन होगा आजसू उम्मीदवार
    गिरिडीह सीट मिलने के बाद आजसू से पार्टी का कौन उम्मीदवार होगा, इसकी चर्चा छिड़ गयी है। संभावित उम्मीदवारों में मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी के अलावा डॉ लंबोदर महतो, राज किशोर महतो के नाम लिए जाने लगे हैं।

    मेरा दिल्ली में कोई गॉड फादर नहीं
    सांसद ने कहा कहा कि उनका दिल्ली में कोई गॉड फादर नहीं है।*
    कार्यकर्ता, यहां की जनता और काम ही उनका गॉड फादर है। जैसा इनका आदेश होगा, वैसा ही करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत उतार चढ़ाव देखा है। ईमानदारी से काम किया है, इसलिए जनता व कार्यकर्ता साथ है।

    आजसू पर बोले – यहां जनाधार नहीं
    सांसद ने कहा कि गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में आजसू का जनाधार नहीं है। आजसू की टिकट पर एकबार राजकिशोर महतो चुनाव लड़े थे। मात्र 36 हजार वोट लाए थे। जबकि सुदेश महतो के ससुर पिछले चुनाव में मात्र 50 हजार वोट में सिमट गए थे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजदयू के उम्रदराज़ और युवा वर्ग के बीच की लड़ाई है ये: प्रशांत किशोर
    Next Article आम चुनाव को नया सूरज बनाना होगा

    Related Posts

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    June 21, 2026

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    June 21, 2026

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    June 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    राम मंदिर के चढ़ावे पर चुप्पी क्यों? जवाबदेही का सवाल

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    The Bharat Tiwari Encounter: A National Debate on Justice, Accountability, and Public Trust

    त्रिकोणीय जंग में उत्तराखंड की राजनीति का भविष्य

    स्लम क्षेत्र के बच्चों को योग से जोड़ने की अनूठी पहल, योग दिवस पर सफल आयोजन

    जमशेदपुर महानगर के सभी मंडलों में भाजपा ने पूरे मनोयोग से मनाया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में साकची में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिले में सामूहिक योगाभ्यास, उपायुक्त राजीव रंजन ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.